Uturn Time
Breaking
Haridwar: हरिद्वार नगर निगम घोटाले में कार्रवाई तेज, आईएएस अधिकारियों का निलंबन छह महीने और बढ़ा Churu: मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की Fatehabad: फतेहाबाद में आरोपियों का मुंडन कर बाजार में घुमाने की घटना से मचा हड़कंप New Delhi: एनसीआर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा, ग्रीन एसएम की नई टैक्सी सेवा शुरू Yamunanagar: कांग्रेस विधायक के पति का भाजपा में प्रवेश, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किया स्वागत Hisar: रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से हिसार में यातायात व्यवस्था पर असर Kaithal: नंदू गैंग के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कैथल में छह बदमाश गिरफ्तार Hisar: हिसार पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर असली मालिकों को लौटाए Chandigarh: हरियाणा में क्लर्क भर्ती के लिए क्लेरिकल एक्ट लागू, उम्मीदवारों के लिए नई शर्तें Chandigarh: हरियाणा के किसानों को राहत, सूरजमुखी पंजीकरण के लिए 60 दिन का अतिरिक्त समय Ayodhya: नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री रबी लामिछाने ने रामलला के दर्शन कर लिया आशीर्वाद Faridkot: Punjab State Food Commission की अहम बैठक, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
Logo
Uturn Time
पंजाब/यूटर्न/30 मार्च। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने “शानदार चार साल भगवंत मान के साथ” श्रृंखला के तहत राज्य की “शिक्षा क्रांति” का चार वर्षों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि लगातार सुधारों के कारण सरकारी स्कूल अब मॉडल संस्थानों में बदल रहे हैं और देशभर में बेहतर परिणाम दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, जो गर्व की बात है। सरकार ने स्कूलों में बुनियादी ढांचे, शिक्षक भर्ती और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया है। अब सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 118 “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही शुरू हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 740 छात्रों ने JEE और 1284 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की है। साथ ही, 14,525 शिक्षकों की भर्ती और 12,316 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। “बिज़नेस ब्लास्टर” योजना के तहत छात्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे वे नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा, मुफ्त बस सेवा, वाई-फाई सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग जैसे कई कदम उठाए गए हैं। उच्च शिक्षा में भी सुधार करते हुए डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति लागू की गई है और नए कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।