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पंजाब/यूटर्न/3 अप्रैल। डेराबस्सी के गांव अमलाला में अवैध माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इलाके के लोगों द्वारा माइनिंग माफिया के खिलाफ पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को इस आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब हलके के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी गुरदर्शन सिंह सैणी विशेष रूप से धरने में शामिल हुए। धरना दे रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डी-सिल्टिंग के नाम पर घग्गर नदी से बड़े स्तर पर अवैध रेत खनन किया जा रहा है। भारी-भरकम टिपरों की आवाजाही के कारण नदी पर बना पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार यह पुल कारसेवा घड़ाम वाले बाबा द्वारा लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसकी हालत काफी खराब हो गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध माइनिंग पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो पुल किसी भी समय गिर सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र का संपर्क टूट सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। इस दौरान मौके पर पहुंचे गुरदर्शन सिंह सैणी ने कारसेवा से जुड़े सेवादारों और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने लोगों की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। साथ ही उन्होंने क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिया, ताकि लोगों को आवाजाही में दिक्कत न हो। धरने में मौजूद लोगों और नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि अवैध माइनिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि जब तक माइनिंग पूरी तरह बंद नहीं होती और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर जिला ओबीसी प्रधान हरप्रीत सिंह टिंकू, प्रदीप पाल सिंह, पुष्पिंदर मेहता, मेजर सिंह परागपुर, दविंदर सिंह धनौनी, सन्नत भारद्वाज, हरदीप सिंह सैणी, रिंकू जनेतपुर और ढेरू लंबरदार सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के लोग मौजूद रहे।