Uturn Time
Breaking
Fatehabad: फतेहाबाद में आरोपियों का मुंडन कर बाजार में घुमाने की घटना से मचा हड़कंप New Delhi: एनसीआर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा, ग्रीन एसएम की नई टैक्सी सेवा शुरू Yamunanagar: कांग्रेस विधायक के पति का भाजपा में प्रवेश, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किया स्वागत Hisar: रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से हिसार में यातायात व्यवस्था पर असर Kaithal: नंदू गैंग के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कैथल में छह बदमाश गिरफ्तार Hisar: हिसार पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर असली मालिकों को लौटाए Chandigarh: हरियाणा में क्लर्क भर्ती के लिए क्लेरिकल एक्ट लागू, उम्मीदवारों के लिए नई शर्तें Chandigarh: हरियाणा के किसानों को राहत, सूरजमुखी पंजीकरण के लिए 60 दिन का अतिरिक्त समय Ayodhya: नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री रबी लामिछाने ने रामलला के दर्शन कर लिया आशीर्वाद Faridkot: Punjab State Food Commission की अहम बैठक, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर Patiala: पटियाला में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल, कम्पोस्टेबल लिफाफों में कड़ाह प्रसाद Mohali: पंजाब सरकार का बड़ा निर्णय, कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती खत्म, कर्मचारियों की होगी सीधी नियुक्ति
Logo
Uturn Time
अवैध माइनिंग से पुल को खतरा, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


ओवरलोड वाहनों पर रोक और सख्त कार्रवाई की उठी मांग
डेराबस्सी 17 Apr : विधानसभा हलका डेराबस्सी व राजपुरा के क्षेत्रवासियों और अमलाला घग्गर कमेटी ने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को पत्र लिखकर गांव अमलाला में घग्गर नदी पर बने पुल को माइनिंग माफिया से बचाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में बताया गया कि करीब 15 वर्ष पहले संत महापुरुषों के मार्गदर्शन में कारसेवा के माध्यम से इस पुल का निर्माण किया गया था। लोगों के सहयोग से तैयार यह पुल 11 नवंबर 2011 को समर्पित किया गया, जिससे डेराबस्सी और राजपुरा क्षेत्र के गांवों को सीधा संपर्क मिला। कमेटी ने आरोप लगाया कि जनवरी 2026 से अमलाला घग्गर नदी में अवैध माइनिंग तेज हो गई है और ओवरलोड टिप्पर बिना रोक-टोक इस पुल से गुजर रहे हैं, जिससे इसकी संरचना को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्रवासियों द्वारा भारी वाहनों को रोकने के लिए धरना देने के बावजूद माइनिंग माफिया के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई गई है। कमेटी सदस्यों ने बताया कि अमलाला और बरौली गांवों की करीब 50-60 एकड़ जमीन घग्गर नदी में बह चुकी है, जिससे पानी के बहाव में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने मांग की कि डी-सील्टिंग के दौरान निकाली जाने वाली रेत और मिट्टी को इन जमीनों में डाला जाए, ताकि किसानों को अपनी भूमि दोबारा खेती योग्य बनाने में मदद मिल सके। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पुल की तुरंत मरम्मत कर यातायात सुचारू किया जाए, ओवरलोड वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए और अवैध माइनिंग में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा संघर्ष को तेज किया जाएगा। फोटो कैप्शन: अमलाला घग्गर कमेटी के सदस्य मुख्यमंत्री को लिखे पत्र संबंधी जानकारी देते हुए।