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मिलन लुधियाना/यूटर्न/15 फरवरी। शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के दावे करने वाला लुधियाना आज भी अवैध कब्ज़ों की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। मॉडल टाउन स्थित बाज़ार में कई दुकानों के दुकानदारों द्वारा अपनी-अपनी दुकाकों को निर्धारित सीमा से बाहर निकलकर सार्वजनिक पार्किंग क्षेत्रों में व्यापार फैलाया जा रहा है, जिससे पूरे इलाक़े में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। बाज़ार क्षेत्र में वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थानों पर ठेले, सामान, मेन्यू बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था और ग्राहकों के खड़े होने की जगह बना ली गई है। इसके चलते आम नागरिकों के लिए वाहन खड़ा करना मुश्किल हो गया है और बाज़ार की मूल व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। लेकिन नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। पार्किंग व्यवस्था ध्वस्त, ट्रैफिक बना रोज़ की परेशानी पार्किंग क्षेत्रों पर हो रहे इन अवैध कब्जों के कारण बाज़ार में आने वाले लोग अपने वाहन सड़क के किनारे या सड़क पर ही खड़े करने को मजबूर हैं। इससे सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है और व्यस्त समय में बाज़ार क्षेत्र में जाम जैसी स्थिति बन जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या अब रोज़मर्रा की बन चुकी है और अकसर यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। इंक्रोचमेंट मुक्त लुधियाना अभियान पर उठे सवाल उल्लेखनीय है कि हाल ही में लुधियाना ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम द्वारा इंक्रोचमेंट मुक्त लुधियाना अभियान चलाया गया था, जिसका उद्देश्य शहर को अवैध कब्ज़ों से मुक्त करना था । हालाँकि, मॉडल टाउन बाज़ार की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि ज़मीनी स्तर पर इस अभियान का कोई स्थायी प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दुकानदार प्रशासनिक अभियानों में सहयोग नहीं करते और कुछ समय बाद फिर से वही स्थिति बन जाती है। तहबाज़ारी शाखा की भूमिका पर गंभीर प्रश्न पूरे बाज़ार में फैले इस अतिक्रमण ने नगर निगम लुधियाना की तहबाज़ारी शाखा की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पार्किंग क्षेत्रों में व्यापार करने की अनुमति नहीं है, तो फिर यह अवैध गतिविधि इतने लंबे समय से कैसे जारी है? क्या संबंधित शाखा की लापरवाही या अनदेखी के कारण सार्वजनिक स्थानों का निजी उपयोग हो रहा है। स्मार्ट सिटी के दावे और बाज़ार की हकीकत लुधियाना को स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर बनाने की बात कही जाती है, लेकिन मॉडल टाउन जैसे प्रमुख बाज़ारों में पार्किंग क्षेत्रों पर अवैध कब्ज़ा और बिगड़ती यातायात व्यवस्था इन दावों पर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना में सुव्यवस्थित बाज़ार, सुरक्षित पार्किंग और निर्बाध यातायात को प्राथमिकता दी जाती है, जो यहाँ नज़र नहीं आती। नागरिकों ने भी प्रशासन से मांगा जवाब स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों के एक वर्ग ने लुधियाना ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम लुधियाना से मांग की है कि मॉडल टाउन बाज़ार में हो रहे अवैध कब्ज़ों को बिना किसी ढिलाई के तुरंत हटाया जाए, दुकानों को उनकी निर्धारित सीमा के भीतर ही सीमित रखा जाए और सार्वजनिक स्थानों के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि इन अवैध कब्जों के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही ज़िम्मेदार है, इसलिए तहबाज़ारी शाखा सहित संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा इंक्रोचमेंट मुक्त लुधियाना अभियान को काग़ज़ों तक सीमित न रखते हुए ज़मीन पर सख़्ती से लागू किया जाए। अब देखना यह होगा कि ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम प्रशासन मॉडल टाउन बाज़ार की इस गंभीर समस्या पर कब ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर पार्किंग क्षेत्रों पर कब्ज़ा यूँ ही शहर की व्यवस्था और आम नागरिकों की सुविधा को प्रभावित करता रहेगा। ----