Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
अजीत झा. चंडीगढ़ : चंडीगढ़ नगर निगम में सामने आए ₹116.84 करोड़ के कथित फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट घोटाले को लेकर बुधवार को राजनीतिक माहौल गर्मा गया। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने निगम सदन के भीतर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष हरदीप सिंह, पार्षद योगेश ढींगरा और पूर्व मेयर कुलदीप कुमार सहित अन्य नेताओं ने किया। इस दौरान जसबीर सिंह लाड़ी, मुनव्वर खान, जसविंदर कौर, नेहा मुसावत, अंजू कत्याल और रामचंद्र यादव समेत सभी आप पार्षदों ने तख्तियां लहराकर घोटाले के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ नगर निगम में वित्तीय अनियमितताएं लगातार बढ़ रही हैं और जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। उनका कहना था कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई घोटाले सामने आ चुके हैं, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नेताओं ने विशेष रूप से क्रेस्ट फंड से जुड़े ₹83 करोड़ के कथित घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े कुछ बैंक अधिकारियों की भूमिका पहले भी विवादों में रही है। अब ₹116.84 करोड़ के फर्जी एफडीआर मामले में भी बैंक के पूर्व मैनेजरों और अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने का दावा किया जा रहा है। आप पार्षदों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि इस तरह के मामलों से न केवल निगम की छवि खराब होती है, बल्कि आम जनता का भरोसा भी टूटता है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह जनता के पैसे की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। नेताओं ने कहा कि “जनता का पैसा जनता के हित में ही खर्च होना चाहिए, इसे किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर निगम हाउस में दिनभर हंगामे की स्थिति बनी रही और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा।