वार्ड बदलने और नाम गायब होने के आरोप, लोगों का प्रदर्शन
सुधार न हुआ तो आंदोलन की चेतावनी, 23 अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज कराने का मौका
सुधार न हुआ तो आंदोलन की चेतावनी, 23 अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज कराने का मौका
जीरकपुर 19 Apr : नगर काउंसिल चुनावों से पहले जीरकपुर में नई वोटर सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन द्वारा जारी सूची पर स्थानीय लोगों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और धांधली के आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र का सियासी माहौल गरमा गया है।
कई वार्डों और आसपास के गांवों के निवासियों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया और वोटर सूची में कथित हेरफेर का विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव में आकर सूची में मनमानी की गई है।
लोगों का कहना है कि कई परिवारों की वोटें एक वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में ट्रांसफर कर दी गई हैं, जबकि कुछ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए या गलत स्थान पर दर्ज कर दिए गए। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बताते हुए उन्होंने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक एन.के. शर्मा ने प्रशासन और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनावी लाभ के लिए वोटर सूची के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सूची में सुधार नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। पहले चरण में एसडीएम को मिलकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज करवाई जाएंगी और इसके बाद भी सुनवाई न होने पर सड़कों पर उतरकर विरोध तेज किया जाएगा। साथ ही मामला चुनाव आयोग और अदालत तक ले जाने की बात भी कही गई।
दूसरी ओर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि वोटर सूची में कोई त्रुटि है तो वे 23 अप्रैल तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी शिकायतों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
नगर काउंसिल चुनावों से ठीक पहले सामने आए इस विवाद ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर बहस छेड़ दी है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।