Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहीं दो बालिग महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश जारी करते हुए पुलिस प्रशासन को उनके जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। जस्टिस मनदीप पन्नू की पीठ ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें दोनों महिलाओं ने अपने परिवारों से जान का खतरा होने की आशंका जताई थी। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वे अपनी मर्जी से साथ रह रही हैं, लेकिन परिवार के विरोध के कारण उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने आधार कार्ड सहित पेश दस्तावेजों के आधार पर माना कि दोनों महिलाएं बालिग हैं और अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं। साथ ही यह भी सामने आया कि 16 अप्रैल 2026 को संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस पर हाईकोर्ट ने लुधियाना जिले के खन्ना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई कर दोनों महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश उनके संबंध की वैधता पर टिप्पणी नहीं है, बल्कि केवल संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए पारित किया गया है। कोर्ट ने कहा कि बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद के साथी के साथ रहने का पूरा अधिकार है और इस अधिकार में अनावश्यक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, यदि किसी आपराधिक मामले में संलिप्तता पाई जाती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।