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ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए गए 15 भारतीय नागरिकों का जत्था गुरुवार को भारत पहुंचा, जिनमें 11 युवक पंजाब से संबंधित बताए जा रहे हैं। इन नागरिकों को रिसीव करने के लिए पंजाब सरकार का प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर मौजूद रहा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विदेशों में कानून का उल्लंघन करने पर ऐसी कार्रवाई होना स्वाभाविक है, लेकिन इन युवाओं की वापसी एक गंभीर सामाजिक मुद्दे की ओर भी संकेत करती है। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी लौटे हुए युवाओं की पूरी पृष्ठभूमि की जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वे अवैध ट्रैवल एजेंटों या गलत मार्गदर्शन का शिकार तो नहीं हुए। जरूरत पड़ने पर केंद्र के विदेश मंत्रालय से भी संपर्क किया जाएगा। सीएम मान ने कहा कि यह स्थिति दुखद है, लेकिन राज्य सरकार इन युवाओं के पुनर्वास और मुख्यधारा में वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है, ताकि युवाओं को मजबूरी में विदेशों का रुख न करना पड़े। यह मामला एक बार फिर विदेश जाने की होड़ और अवैध प्रवासन के खतरे को उजागर करता है, जिस पर सरकार और समाज दोनों को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।