Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
शिमला में मुख्यमंत्री ने जनगणना कार्य को लेकर दिया संदेश
शिमला: Shimla में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों से आगामी जनगणना कार्य में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीति निर्माण की आधारशिला होती है, इसलिए सभी नागरिकों को इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करना चाहिए। Shimla में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नागरिकों से ‘स्वगणना’ (Self Enumeration) विकल्प का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आम लोग 1 जून से 15 जून, 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना लोकतंत्र और विकास की रीढ़ है, जिससे जनसंख्या, आवास, संसाधनों और नागरिक सुविधाओं का महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी। इसमें प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा पहले चरण में 16 जून से 15 जुलाई के बीच मकान सूचीकरण और मकान गणना होगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। इसके अलावा हिमाच्छादित क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 11 से 30 सितंबर, 2026 के बीच और शेष क्षेत्रों में 9 से 28 फरवरी, 2027 के बीच पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि भविष्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।