Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
नगर परिषद की शिकायत के बावजूद पुलिस की कार्रवाई शून्य ज़ीरकपुर 15 Jan : फ्लाईओवर के नीचे प्रवासी लोगों का लगातार बढ़ता जमावड़ा अब शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायतों और नगर परिषद द्वारा लिखित रूप से अवगत कराए जाने के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार फ्लाईओवर के नीचे बड़ी संख्या में प्रवासी अस्थायी रूप से डेरा जमाए हुए हैं। नगर परिषद द्वारा अस्थायी रूप से लगाए गए टेंटों को भी प्रवासियों द्वारा नुकसान पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंची है और इलाके में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। नगर परिषद ज़ीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी ने इस मामले को गंभीर मानते हुए थाना प्रभारी ज़ीरकपुर को प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। इसके बावजूद न तो पुलिस ने कोई जांच शुरू की और न ही मौके पर कोई प्रभावी कदम उठाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार फ्लाईओवर के नीचे बैठे अधिकांश लोग किसी प्रकार का श्रम कार्य नहीं करते, बल्कि भीख मांगकर अपना गुजारा कर रहे हैं। सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि कुछ प्रवासियों के पास एक से अधिक आधार कार्ड पाए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति के पास तीन से चार आधार कार्ड मौजूद हैं, जिससे उनकी वास्तविक पहचान और पृष्ठभूमि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्थिति सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और पुलिस ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। नगर परिषद ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए करीब एक सप्ताह पहले पुलिस को लिखित रूप से अवगत करा दिया था, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है। बॉक्स थाना प्रभारी नहीं उठाते फोन इस मामले में थाना प्रभारी ज़ीरकपुर से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और पुलिस शहर की सुरक्षा को लेकर कब जागते हैं और कब कोई ठोस कार्रवाई की जाती है।