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डेराबस्सी 22 Jan : पहले ही प्रदूषण की गंभीर मार झेल रहा है। अब शहर के बीचों-बीच गुजरने वाले ढाबीवाला चोए (प्राकृतिक नाले) में लगातार गंदा और दूषित पानी छोड़े जाने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। चोए के पानी से तेज दुर्गंध उठती रहती है, जिससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। आरोप है कि नगर परिषद की ओर से कई कॉलोनियों का सीवरेज पानी इसी प्राकृतिक जलस्रोत में डाला जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से ढाबीवाला चोए में सीवरेज का दूषित पानी छोड़ा जा रहा है। यही पानी आगे चलकर किसानों द्वारा खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। दूषित पानी के कारण खेतों की उपज प्रभावित हो रही है और लोगों की सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। क्षेत्र में कैंसर, त्वचा रोग और पेट संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ने का दावा भी लोग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ है। इस मामले में जब एसडीओ ड्रेनेज रमणजोत से बात की गई तो उन्होंने कहा कि दूषित पानी को एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के माध्यम से ट्रीट किया जा रहा है। वहीं नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी रवनीत सिंह ने बताया कि कॉलोनियों के सीवरेज कनेक्शन एसटीपी प्लांट से जोड़े गए हैं, जबकि बारिश और स्टॉर्म वाटर को चोए में छोड़ा जाता है। हालांकि स्थानीय लोग इन दावों से संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में हालात और भयावह हो सकते हैं।