Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़, 4 फरवरी: पंजाब के स्थानीय निकाय, उद्योग एवं वाणिज्य, बिजली तथा निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में प्रशासनिक, वित्तीय और संरचनात्मक सुधार लागू कर शहरी विकास को तेज़, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। इसका उद्देश्य समयबद्ध निर्णय, निर्बाध क्रियान्वयन और नागरिक सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि पहले प्रस्तावों और मंजूरियों के लंबित रहने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। माननीय अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में विकेंद्रीकृत निर्णय प्रणाली और दैनिक निगरानी व्यवस्था लागू की गई। इसके परिणामस्वरूप पिछले तीन हफ्तों में 1100 लंबित प्रस्तावों में से 900 प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें कुछ मामले वर्ष 2018 से पेंडिंग थे। प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए 1 फरवरी 2026 से ई-निगम सॉफ्टवेयर लागू किया गया है, जिससे सभी यूएलबी में ऑनलाइन प्रोसेसिंग, ट्रैकिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। वित्तीय शक्तियों में बढ़ोतरी श्री अरोड़ा ने बताया कि परियोजनाओं की गति बढ़ाने के लिए अधिकारियों की वित्तीय शक्तियां बढ़ाई गई हैं। सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये। मुख्य इंजीनियर अब 10 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी दे सकेंगे (पहले 5 करोड़)। मुख्यालय स्तर पर अब एक के बजाय दो कमेटियां बनाई गई हैं ताकि जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित हो। सभी प्रस्तावों को 10 कार्यदिवस में निपटाने की समय-सीमा तय की गई है। इंजीनियरिंग ढांचे का पुनर्गठन राज्य के सभी शहरी निकायों को छह क्षेत्रों — अमृतसर, बठिंडा, फिरोजपुर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में बांटा गया है। प्रत्येक क्षेत्र में एक मुख्य इंजीनियर, प्रति क्षेत्र एक सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और प्रति जिला एक सब-डिविजनल इंजीनियर तैनात किया गया है, जिससे निगरानी और क्रियान्वयन तेज़ होगा। मिशन-मोड सीवर सफाई रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत सीवर सफाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। 161 यूएलबी में काम पूरा। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, बठिंडा और पटियाला में टेंडर अंतिम चरण में। 6 एजेंसियां सूचीबद्ध। “एक शहर, एक संचालक” योजना लागू की जा रही है ताकि मानसून से पहले सफाई सुनिश्चित हो। अमृत 2.0 और SBM 2.0 से इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत अमृत 2.0 के तहत भूजल से नहर के पानी की ओर बदलाव किया जा रहा है। 90 कस्बों में 609 MLD क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कार्यशील। 148 कस्बों में 100% जल आपूर्ति कवरेज। 3,626 करोड़ रुपये की लागत से 87 MLD क्षमता के 4 एसटीपी विकसित किए जा रहे हैं। SBM (शहरी) 2.0 के तहत: 56 कस्बों में 213 MLD क्षमता के एसटीपी। 1,647 करोड़ रुपये की लागत से 730 सीवर सफाई मशीनें खरीदी गईं। श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि ये सुधार पंजाब में शहरी शासन के व्यापक परिवर्तन का हिस्सा हैं, जिनका फोकस तेज़ डिलीवरी, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और नागरिक सेवाओं में प्रत्यक्ष सुधार पर है।