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जीरकपुर 10 Feb : शहर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में नगर परिषद जीरकपुर ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। परिषद को करीब 47 लाख रुपये की लागत से चार अत्याधुनिक ग्रैब बकेट डीसिल्टिंग मशीनें प्राप्त हुई हैं। इन मशीनों के शुरू होने से अब सीवरेज और गटर की सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों को जान जोखिम में डालकर गटरों के भीतर उतरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नगर परिषद के सीवरेज विभाग के जेई सवनीत सिंह ने बताया कि समय के साथ तकनीक को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि यह दौर ऑटोमैटिक सिस्टम का है और मैनुअल सफाई से होने वाले खतरों को देखते हुए नगर परिषद ने तकनीक आधारित समाधान को अपनाया है। इन मशीनों से सफाई कार्य अधिक सुरक्षित, तेज और वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। तेजी से विकसित हो रहे जीरकपुर शहर में आबादी बढ़ने के साथ-साथ सीवरेज सिस्टम पर दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। कई क्षेत्रों में नालों और गटरों में सिल्ट जमा होने से जलभराव और गंदगी की समस्या सामने आती रही है। मैनुअल सफाई के दौरान कर्मचारियों को जहरीली गैसों, संकरे स्थानों और दुर्घटनाओं का गंभीर खतरा रहता था। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने आधुनिक डीसिल्टिंग मशीनों की खरीद का निर्णय लिया। बॉक्स क्या है ग्रैब बकेट डीसिल्टिंग मशीन और कैसे करती है काम? ग्रैब बकेट डीसिल्टिंग मशीन एक विशेष मैकेनिकल सिस्टम है, जिसे क्रेन या हाइड्रोलिक वाहन के साथ जोड़ा जाता है। इसके आगे लगा ग्रैब बकेट सीवर या नाले में जमा गाद, कीचड़, प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य ठोस कचरे को पकड़कर बाहर निकालता है। पूरी प्रक्रिया मशीन के जरिए होती है, जिससे मानव हस्तक्षेप बेहद कम हो जाता है और सफाई कार्य सुरक्षित व वैज्ञानिक ढंग से पूरा होता है। बॉक्स ग्रैब बकेट डीसिल्टिंग मशीन के प्रमुख फायदे सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित तेज और प्रभावी सफाई व्यवस्था जलभराव की समस्या में कमी आधुनिक और पारदर्शी कार्यप्रणाली दीर्घकालिक आर्थिक लाभ स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती बॉक्स शहरवासियों को मिलेगा सीधा फायदा इन मशीनों के संचालन से सीवरेज व्यवस्था मजबूत होगी, दुर्गंध और गंदगी की समस्या में कमी आएगी और शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा। स्थानीय निवासियों को बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा। नगर परिषद का यह कदम न केवल तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह सफाई कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील सोच को भी दर्शाता है। जीरकपुर अब पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए आधुनिक और सुरक्षित सफाई प्रणाली की ओर कदम बढ़ा चुका है, जो आने वाले समय में अन्य नगर निकायों के लिए भी मिसाल बन सकता है।