हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के लिए अब बिना अनुमति छुट्टी लेना भारी पड़ सकता है। परिवहन निदेशालय ने आकस्मिक अवकाश समेत सभी छुट्टियों के लिए सक्षम अधिकारी की पूर्व लिखित मंजूरी अनिवार्य कर दी है। आपात स्थिति में निर्धारित अधिकारियों को फोन या वॉट्सऐप से सूचना देनी होगी और ड्यूटी पर लौटने के बाद औपचारिक अनुमति लेना जरूरी होगा। बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
चंडीगढ़ : हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के लिए छुट्टी लेना अब आसान नहीं होगा। आकस्मिक अवकाश यानी कैजुअल लीव के लिए भी सक्षम अधिकारी की पूर्व मंजूरी जरूरी होगी। बिना सूचना या लिखित आवेदन के छुट्टी पर जाने की बढ़ती शिकायतों के बाद परिवहन निदेशालय ने सख्ती की है।
परिवहन निदेशक धीरेंद्र खड़गटा ने सभी महाप्रबंधकों को गाइडलाइन जारी कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में किसी भी अवकाश से पहले लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
आपात स्थिति में ग्रुप-ए और बी अधिकारियों को उसी दिन निदेशक को फोन या वॉट्सऐप से कारण सहित सूचना देनी होगी। वहीं, ग्रुप-सी और डी कर्मचारियों को संबंधित जेडीएसटी को जानकारी देनी होगी। ड्यूटी पर लौटने के बाद छुट्टी का औपचारिक अनुमोदन कराना भी जरूरी होगा।
निदेशालय ने साफ चेतावनी दी है कि बिना अनुमति या सूचना के छुट्टी पर जाने को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।