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* • पराली प्रबंधन में किसानों, पंचायतों और उद्दमियों को सशक्त बनाने के लिए इन-सीटू और एक्स-सीटू निपटारे पर ध्यान किया केंद्रित: खुड्डियां *

* • खरीफ की फ़सल 2025 दौरान पराली जलाने के मामले में 53 फीसद की आई गिरावट, जो इस योजना की सफलता को करती है उजागर: कृषि मंत्री
चंडीगढ़, 25 फरवरी: पंजाब के कृषि और किसान भलाई मंत्री स.गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज बताया कि राज्य को पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह मुक्त बनाने की दिशा की तरफ अहम कदम उठाते मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आधुनिक फ़सल अवशेष प्रबंधन ( सीआरएम) मशीनों की खरीद के लिए 395 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी गई है। इस सम्बन्धित जानकारी सांझी करते स.खुड्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से ग्राम पंचायतों, कस्टम हायरिंग सैंटरों ( सीएचसी), व्यक्तिगत किसानों और स्पलाई चेन सहित 5358 लाभपातरियों को सीआरएम मशीनों की खरीद पर 50 फ़ीसद से 80 फ़ीसद तक सब्सिडी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन- सीटू और एक्स- सीटू प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है जो पराली जलाने के मामलों को कम करने और किसानों की आमदन बढ़ाने प्रति राज्य सरकार की दृढ़ वचनबद्धता को उजागर करता है। अन्य विवरन सांझा करते स.खुड्डियां ने व्यापक बांट नैटवर्क का ज़िक्र किया, जो मशीनरी की किसानों तक आसान पुहंच को यकीनी बनाता है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए किफ़ायती पहुंच को यकीनी बनाने के लिए राज्य भर में 66 सहकारी सभाओं की तरफ से 1151 नए कस्टम हायरिंग सैंटर (सी.एच.सी.) स्थापित किए गए। इसमें 1042 ग्रामीण उद्दमी शामिल है, जो स्थानीय उद्यम को चला कर योजना को मज़बूत आधार देते है, 28 किसान उत्पादक संगठन ( एफ.पी.ओ.) पैमाने की आर्थिकता को बढ़ाते है और 15 ग्राम पंचायतों गांव स्तर पर भाईचारक तौर पर हल यकीनी बनाती है। सीधी मालकी को बड़ा बढावा देते इस योजना ने 4181 व्यक्तिगत किसानों को भी आधुनिक, कुशल सीआरएम मशीने प्रदान करके लाभ पहुंचाया है। इसके इलावा औद्योगिक वैल्यू चेन को मज़बूत करने के लिए एक रणनीतक कदम के अंतर्गत, 26 पैडी स्पलाई चेन स्थापित की गई हैं। यह स्पलाई चेन पराली को बायोमास प्लांटों और औद्योगिक इकाईयों तक पहुंचने और लाने-लेजाने, प्रभावशाली ढंग के साथ अवशेष को राजस्व में बदलने और एक सर्कुलर अर्थ-व्यवस्था का निर्माण करने में अहम योगदान निभाएगी। स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि 395 करोड़ रुपए की मिसाली सब्सिडी किसान भाईचारे और वातावरण प्रति सरकार के दृढ़ वचनबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह केवल सब्सिडी नहीं बल्कि राज्य के भविष्य, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति और सांस लेने वाली स्वच्छ और ताज़ी हवा में एक निवेश है। सरकार की तरफ से गांव स्तर पर मशीनरी की उपलब्धता से ले कर पराली के लिए मज़बूत मार्किट यकीनी बनाने तक सभी हल प्रदान किए जा रहे हैं। कृषि मंत्री ने किसान भाईचारे से अपील की कि वह इन उपकरणों का अधिक से अधिक प्रयोग करने और पराली के सभ्यक प्रबंधन को यकीनी बनाए। साल 2025-26 के लिए सीआरएम स्कीम अधीन इस अहम यत्न के प्रभावशाली नतीजे सामने आ रहे है, क्योंकि खरीफ की फ़सल सीजन 2025 दौरान पराली जलाने की घटनाओं में 53 फ़ीसद की गिरावट आई है, जिससे साल 2024 में मामले 10, 909 से कम होकर 5,114 रह गए, जिसके साथ देश में टिकाऊ कृषि के लिए एक नया मापदंड स्थापित हुआ है।