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ईओडब्ल्यू की जांच में 8.22 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन भी आए सामने
अजीत झा. चंडीगढ़ 10 March : स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े फंड में कथित वित्तीय गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने नगर निगम और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के खातों में संदिग्ध लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में करीब 116.84 करोड़ रुपये की संदिग्ध फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और 8.22 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ है। इस मामले में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यह शिकायत नगर निगम आयुक्त अमित कुमार की ओर से दी गई थी। शिकायत के अनुसार, मार्च 2025 में स्मार्ट सिटी परियोजना के बंद होने के बाद उससे जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्तियां और बैंक खाते नगर निगम को सौंप दिए गए थे। परियोजना के दौरान सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में कई खाते खोले गए थे, जिनके जरिए सभी वित्तीय लेन-देन किए जाते थे। परियोजना के समापन के समय खातों में मौजूद राशि को एक विशेष खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, ताकि कैपेक्स और ओपेक्स से जुड़े बकाया भुगतान किए जा सकें। जांच के दौरान नगर निगम अधिकारियों ने बैंक रिकॉर्ड और परियोजना से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया तो कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं। दस्तावेजों में जिन एफडीआर को सक्रिय संपत्ति के रूप में दिखाया गया था, वे बैंक के वास्तविक रिकॉर्ड में मौजूद नहीं मिले, जिनकी कुल राशि 116.84 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट में तीन संदिग्ध भुगतान प्रविष्टियां भी सामने आई हैं। इनमें 11 अप्रैल 2025 को दो और 1 सितंबर 2025 को एक ट्रांजैक्शन दर्ज है, जिनकी कुल राशि 8.22 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नगर निगम के रिकॉर्ड में इन भुगतानों का कोई स्पष्ट विवरण नहीं मिला, जिसके चलते इन्हें संदिग्ध माना जा रहा है। फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा पूरे मामले की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड और परियोजना से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।