Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
हरियाणा/ यूटर्न/ 11 मार्च।-हरियाणा में स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश के हर पीएम श्री स्कूल को बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए दो साल तक 2 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली इस राशि में 21 प्रमुख घटक कवर होंगे, जिनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षा केंद्रों के तौर पर विकसित करना है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बुधवार यहां पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इन स्कूलों की बुनियादी तथा शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करने और कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्तों और अतिरिक्त उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ये समितियां अपने अधिकार-क्षेत्र में आने वाले स्कूलों में जाकर उनके बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करें। साथ ही, प्राथमिकता वाले कार्यों की भी पहचान करें ताकि शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के मजबूतीकरण के लिए राशि का समुचित ढंग से उपयोग किया जा सके। अनुराग रस्तोगी ने कहा कि इन स्कूलों में सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पद प्राथमिकता आधार पर भरे जाएं। जिलों में तैनात एचसीएस अधिकारी कम से कम एक पीएम श्री स्कल को गोद लेकर इनके मार्गदर्शन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाएं ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।