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चंडीगढ़/यूटर्न/25 मार्च। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नवजात और छोटे बच्चों को समय पर उपचार मिलने के मामलों में वृद्धि के साथ, भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नाजुक समय में चिकित्सा सहायता बिना किसी देरी के शुरू हो। श्री मुक्तसर साहिब में 1 वर्षीय बच्ची ख्वाहिश को निमोनिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे तुरंत इलाज की आवश्यकता थी। पहले ऐसे मामलों में परिवारों को इलाज शुरू होने से पहले धन, दस्तावेज और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत यह बाधा समाप्त हो गई है। स्वास्थ्य कार्ड पहले से उपलब्ध होने के कारण दीप अस्पताल में डॉ. मोनिका गर्ग की देखरेख में बिना किसी अग्रिम भुगतान के तुरंत इलाज शुरू किया गया। परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक या प्रशासनिक प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ा, जिससे समय पर उपचार संभव हुआ और बच्ची सुरक्षित रूप से स्वस्थ हो गई। इसी तरह के मामले संगरूर और मानसा जिलों से भी सामने आए हैं, जहां नवजातों को बिना वित्तीय बाधा के उपचार मिल रहा है। योजना के तहत प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक का कैशलेस बीमा और 900 से अधिक अस्पतालों में उपचार सुविधा उपलब्ध है, जिससे लोगों को तेज और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।