Uturn Time
Breaking
New Delhi: दिल्ली जल बोर्ड टेंडर मामले में सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, पूर्व CEO समेत 6 पर ACB की कार्रवाई; मनी ट्रेल की जांच तेज Panipat: चंडीगढ़ में संसदीय राजभाषा उप-समिति का दो दिवसीय निरीक्षण, 12 शहरों के 84 कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा Amritsar: फिरोजपुर मंडल के 38 सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को मिले ₹20.47 करोड़ से अधिक, डीआरएम संजीव कुमार ने सौंपे भुगतान Kurukshetra: लिव-इन और प्रेम विवाह समेत सामाजिक मुद्दों पर खाप प्रतिनिधियों ने सीएम सैनी से की मुलाकात, 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र में फिर होगा मंथन Ludhiana: विश्व फोटोग्राफी दिवस पर लुधियाना में दिखेगा बदलते शहर का आईना, 10वीं वार्षिक फोटो प्रदर्शनी ‘वन थाउज़ेंड वर्ड्स’ आज से Ludhiana: ग्लैम अप सैलून ने होटल पैराडाइज़ ड्रीम में मनाया तीज का पर्व, पंजाबी रंग में रंगा समारोह Amritsar: अमृतसर में वर्ल्ड सिख मिलिट्री शहीद यादगारी कमेटी इटली के सदस्य मनजिंदर सिंह का सम्मान Chandigarh: पंजाब में ट्रांसफर-पोस्टिंग नेटवर्क की ED जांच का दायरा बढ़ा, चैट्स में टेंडर, हथियार लाइसेंस और जमीन सौदों के भी दावे Chandigarh: 14 देशों के विद्यार्थियों से सीएम सैनी ने किया संवाद, बोले- ‘गो ग्लोबल’ सोच के साथ आगे बढ़ें युवा Chandigarh: हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की छुट्टी पर सख्ती, कैजुअल लीव के लिए भी पूर्व मंजूरी अनिवार्य Ludhiana: DMC&H कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में नए सत्र से 50 विद्यार्थियों को मिलेगा दाखिला, आधुनिक सुविधाओं से होगी पढ़ाई Ludhiana: CICU के ‘सेल्स ऑन स्टेरॉयड लाइव!’ में 200 से अधिक उद्यमियों ने सीखी बिक्री बढ़ाने की रणनीतियां
Logo
Uturn Time
पंजाब/यूटर्न/3 अप्रैल। सुखमणि स्कूल के बाहर धरने पर बैठे श्रमिकों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने बड़ा ऐलान किया है। शुक्रवार को हुई आपात बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि हटाए गए श्रमिकों को तुरंत बहाल नहीं किया गया तो 9 अप्रैल को स्कूल के मुख्य गेट पर विशाल विरोध रैली की जाएगी और मांगें पूरी होने तक ‘पक्का मोर्चा’ लगाया जाएगा। नेताओं ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि 20-25 वर्षों से काम कर रहे अनुभवी ड्राइवरों और कर्मचारियों को अवैध तरीके से हटाकर काम ठेके पर दे दिया गया है। उनकी जगह अनुभवहीन लोगों को बसों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। बैठक में कहा गया कि पुराने ड्राइवरों ने वर्षों तक बच्चों की सुरक्षित ढुलाई सुनिश्चित की, लेकिन अब उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। नेताओं ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक चालक ने कभी 40 बच्चों की जान बचाई थी, फिर भी ऐसे कर्मचारियों को बाहर किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों ने क्षेत्र के लोगों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों से अपील की कि वे 9 अप्रैल को बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करें। अभिभावकों से यह भी आग्रह किया गया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए वे अपने बच्चों को स्कूल न भेजें और प्रबंधन पर दबाव बनाएं कि अनुभवी स्टाफ को बहाल किया जाए। बैठक में विभिन्न किसान संगठनों और यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रेस नोट संयुक्त किसान मोर्चा और साझा ट्रेड यूनियनों की ओर से जारी किया गया।