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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निरंतर प्रयासों के कारण केंद्र सरकार द्वारा गेहूं खरीद सीजन 2026-27 के संबंध में पंजाब को ढील दी गई है। पूरे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (चंडीगढ़) में हरियाणा की तरह गेहूं के दानों में चमक की कमी संबंधी सीमा में 70 प्रतिशत तक ढील दी गई है। सिकुड़े और टूटे हुए दानों के संबंध में पूरे राज्य में समान मापदंडों के तहत मौजूदा 6 प्रतिशत की सीमा के मुकाबले 15 प्रतिशत तक ढील दी गई है। आज यहां एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान खरीद कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए खाद्य, सिविल सप्लाई एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने जिला खाद्य सप्लाई नियंत्रकों ( डीएफएससीज़) और वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि सभी हितधारकों के लिए सफल और निर्विघ्न खरीद सीजन सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी न छोड़ी जाए। उपज की लिफ्टिंग में तेजी लाने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि उपज की खरीद के 72 घंटों के अंदर लिफ्टिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि खरीदी गई फसलों की अदायगी 48 घंटों के अंदर किसानों के खातों में कर दी जाए। इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए। डीएफएससीज़ को मंडियों का व्यक्तिगत दौरा करने के निर्देश देते हुए श्री कटारूचक ने कहा कि मंडियों में बारदाने की कोई कमी नहीं है, लेकिन यदि किसी जिले में बारदाने की जरूरत है तो अंतर-जिला ढुलाई का प्रबंध किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर अन्य के अलावा खाद्य, सिविल सप्लाई एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग के निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर एवं अजयवीर सिंह सराओ तथा जीएम वित्त सर्वेश कुमार उपस्थित थे।