Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
आज शनिवार दोपहर यहां भीषण आग लगने से एक व्यापारी जिंदा जल गया ,जबकि गंभीर रूप से घायल उसके बेटे, बहु ,नाती0और भतीजी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीषण अग्निकांड की यह घटना घाटमपुर में पुराना डाकखाना रोड स्थित एक मार्केट में हुई। इस हादसे में एक व्यापारी की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि, उनके बेटे, बहू, नाती और भतीजी झुलस गए। झुलसे लोगों को घाटमपुर सीएचसी से कानपुर रेफर किया गया। दमकल के साथ ही पावर प्लांट की सीआईएसएफ की गाड़ियों को इस आग पर काबू पाने में घंटा लग गए। प्राप्त विवरण के अनुसार पुराना डाकखाना रोड पर 75 वर्षीय रामकिशन गुप्ता उनके भाई सत्यनारायण और राज्जनलाल अपने परिवारों के साथ रहते हैं। घर के नीचे खुद की मार्केट है, जिसमें तीनों भाइयों की कपड़े और किराना की दुकानें हैं। बताया गया कि रामकिशन की लक्ष्मी वस्त्र भंडार नाम से कपड़े की दुकान में शनिवार भोरपहर आग लगी। धुआं उठता देख रामकिशन नीचे उतर कर आए। दुकान का शटर उठाकर देखा तो लपटे और धुआं से घर भर गया। वह शोर मचाते हुए ऊपर की ओर भागे। इस दौरान घर के अन्य सदस्य भी जग गए। इस बीच देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और सभी जान बचाने के लिए छत से चढ़कर दूसरे के घरों से होते हुए निकले। लेकिन, इस दौरान रामकिशन का पता नहीं चला। इसके बाद दमकल को सूचना दी गई। आसपड़ोस के लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। दमकल जब तक आ पाती आग पूरी तरह से भड़क चुकी थी और पूरे घर को चपेट में ले लिया था। तीन घंटे बाद रामकिशन का शव निकाला गया। पुलिसके अनुसार आग जिस समय लगी घर पर तीनों परिवारों के 14 लोग मौजूद थे। रामकिशन के घर पर उनकी पत्नी गोमती, बेटा हरिओम और बहू और दो नाती थे। सत्यनारायण के घर पर पत्नी और एक बेटी व दो बेटे थे। राज्जनलाल के घर पर पत्नी और दो बच्चे थे। आग से रामकिशन का बेटा हरिओम, बहू श्रेया, चार माह का पौत्र शिवार्थ और सत्यनारायण की बेटी आयुषी झुलस गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।