Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
"दूध की जांच को लेकर कार्रवाई, 12 सैंपल लिए गए"
लुधियाना (सहगल): स्वास्थ्य विभाग के फूड विंग ने अपनी कुंभ करनी नींद को भंग करते हुए आज दूध के 12 सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भेजा है यह जांच पंजाब के फूड सेफ्टी कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत बताई जाती है जिसमें लुधियाना जिले में सुबह और शाम दूध की सप्लाई की जांच करने को कहा गया बताया जाता है की जांच को उद्देश्य दूध में मिलावट को रोकना है परंतु विशेषज्ञों का कहना है कि हफ्तों बाद की गई जांच से मिलावट को कैसे रोका जा सकता है जानकारी देते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राज्य-स्तरीय अभियान के तहत टीम द्वारा शहर के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर नाके लगाकर दूध की आपूर्ति की गहन जांच की गई। उन्होंने बताया कि सुबह की जांच के दौरान 4 खुले दूध के सैंपल लिए गए, जबकि शाम को हम्ब्रा रोड और हैबोवाल में नाका लगाकर 8 अन्य सैंपल लिए गए। इस प्रकार दिन भर में कुल 12 सैंपल एकत्रित किए गए। डॉ. चावला ने जोर देकर कहा कि सुबह और शाम दोनों समय जांच करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि दूध की आपूर्ति दिनभर जारी रहती है और इससे विभिन्न स्तरों पर मिलावट को रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि सभी सैंपल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार एकत्रित कर विधिवत सील किए गए हैं और निर्धारित समय के भीतर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच हेतु भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर किसी भी उल्लंघन की स्थिति में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लिए के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है, जिसमें स्वच्छता बनाए रखना, दूध का उचित रख-रखाव और सुरक्षित परिवहन शामिल है।