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"राज्य निर्वाचन आयुक्त का बयान, निष्पक्ष चुनाव हमारी प्राथमिकता"
चंडीगढ़: हरियाणा राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने कहा कि आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 6 मई 2026 को कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम पंचकूला की मतदाता सूची में 17,086 मतदाताओं की प्रविष्टियों को डुप्लीकेट अथवा एक ही नाम से बताया गया था। उन्होंने कहा कि उक्त ज्ञापन में लगभग 17 हजार प्रविष्टियों का उल्लेख किया गया, जबकि केवल 8543 मतदाताओं की सूची ही उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने कहा कि यद्यपि यह ज्ञापन निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त हुआ है, विशेष रूप से तब जबकि राजनीतिक दल निर्धारित अवधि के भीतर दावा, आपत्ति अथवा अपील प्रस्तुत कर सकते थे, फिर भी मतदाता सूचियों की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से उक्त ज्ञापन का संज्ञान लिया गया है। उपायुक्त पंचकुला को ऐसे प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। उक्त 8543 प्रविष्टियों की जांच-पड़ताल के उपरांत, ज्ञापन में दिए गए तथ्यों की जांच करते हुए उपायुक्त को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पूरी सावधानी एवं गंभीरता बरती गई है, फिर भी आयोग किसी भी संभावित त्रुटि को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन तक पूरी प्रक्रिया उपायुक्त की निगरानी में संपन्न होती है तथा मतदाता सूची में प्रविष्टियां दर्ज करने में किसी भी राजनीतिक दल की कोई भूमिका नहीं होती। राजनीतिक दल केवल दावा, आपत्ति एवं आवश्यक होने पर अपील प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 16 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची पर 7 मार्च 2026 तक दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। संशोधन प्राधिकारी स्तर पर दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण के बाद 16 मार्च 2026 तक उपायुक्त के समक्ष अपील दायर की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की तैयारी एवं अंतिम प्रकाशन के दौरान सभी हितधारकों, जिनमें राजनीतिक दल भी शामिल हैं, को उचित अवसर प्रदान किया गया था तथा अंतिम मतदाता सूची 27 मार्च 2026 को सभी राजनीतिक दलों को भेज दी गई थी। इसके बावजूद अधिसूचना में निर्धारित अवधि के दौरान किसी भी राजनीतिक दल द्वारा डुप्लीकेट अथवा एक जैसे मतदाताओं संबंधी कोई आपत्ति या सूची उपलब्ध नहीं करवाई गई। साथ ही, 22 अप्रैल 2026 को आयोजित सर्वदलीय बैठक में भी कांग्रेस पार्टी द्वारा इस संबंध में कोई मुद्दा नहीं उठाया गया।