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"लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निपटारा"
गुरुग्राम: गुरुग्राम में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में एक ही दिन में 74 हजार से अधिक मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया गया। इस दौरान करोड़ों रुपये के मामलों का सेटलमेंट कर न्याय प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए गुरुग्राम नरेंद्र सूरा के निर्देशन में यह लोक अदालत लगी। इसमें विभिन्न श्रेणियों के मामलों के निपटारे के लिए 21 बेंचों का गठन किया गया। इसके अलावा उपमंडल सोहना और पटौदी में भी एक-एक विशेष लोक अदालत बेंच स्थापित की गई। सीजेएम निशा के मुताबिक, राष्ट्रीय लोक अदालत में सोहना एवं पटौदी सहित विभिन्न न्यायालयों में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन श्रेणी के करीब एक लाख 36 हजार 10 मामलों को रखा गया। इनमें से 74 हजार 633 मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में 10 करोड़ 84 लाख 26 हजार 614 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय मिला है। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों के भार को कम करने में भी मदद मिली। लोक अदालत को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रत्येक बेंच पर पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई थी। उन्होंने पक्षकारों के बीच समझौता करवाने और मामलों के निस्तारण को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आमजन की सहायता के लिए न्यायालय परिसर में 10 हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए थे, जहां पैरा लीगल वॉलंटियर्स द्वारा लोगों को आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा ट्रैफिक चालानों के त्वरित निपटारे के लिए गेट नंबर-2 के पास विशेष ट्रैफिक हेल्प डेस्क स्थापित की गई। इस व्यवस्था के माध्यम से लोगों को अपने चालानों की जानकारी प्राप्त करने और उनका शीघ्र निस्तारण कराने में सुविधा मिली।