Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlink6clubcolour prediction game demofree colour prediction gamecolour prediction demo gamecolour prediction game playwhere to play colour prediction gamemantri mall colour prediction gamereliance mall colour prediction gamegodrej mall colour prediction gameadani mall colour prediction gamepacific mall colour prediction gameBG678 review678 lotterybg678dmwindmwin logindm win lotteryjio lottery game6 Club apkgojackpotchambery porndeneme bonusu veren sitelerdeneme bonusu veren siteler6 club apk6 club game66 lottery gift code66 lottery gift codehindiscopegovernment jobsgovernment schemesadmit cardanswer keyexam resultssyllabuslotterygovernment newsjai clubcolor prediction gamejai club appjai club lotteryjai gamebigwin69bingoFree Bonus No DepositColor Game66 lottery6 Club Lottery6 club lottery6 club6 club gameblingwinbling winlodi777lodi777lodi 777gojackpotgojackpotpaldo77paldo77dhani gamedhani wintaya886club login43r43r
Pehowa: सोमनाथ मन्दिर भारत की सनातन चेतना, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अमर प्रतीक : नायब सिंह सैनी - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिहोवा स्थित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ कार्यक्रम में की शिरकत।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा।
युवाओं से भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत से जुडऩे का आह्वान।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 8 जून को हरियाणा से सोमनाथ के लिए रवाना होगी विशेष ट्रेन।
पिहोवा (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सनातन चेतना, अटूट आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अमर प्रतीक है, जिसने हर आक्रमण, हर संघर्ष और हर विपत्ति के बाद राष्ट्र को पुन: खड़े होने की शक्ति दी है। मुख्यमंत्री सोमवार को कुरुक्षेत्र के पिहोवा स्थित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मंदिर कमेटी पदाधिकारियों और संत समाज ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और उपस्थित श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष पूजा करते हुए अपना संबोधन दिया। श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे साधु संतों का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शॉल ओढ़ा कर सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा यह वर्षभर का राष्ट्रीय पर्व भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक जागरण और सभ्यतागत निरंतरता का प्रतीक है। वैदिक नदियों अरुणाय और सरस्वती के पावन संगम स्थल पर इस पर्व का आयोजन इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और अधिक दिव्य बना रहा है। उन्होंने कहा कि यहां स्थित प्राचीन संगमेश्वर मंदिर सदियों से इस पवित्र संगम और भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा का साक्षी रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व 11 जनवरी से शुरू होकर 11 जनवरी 2027 तक चलेगा। उन्होंने बताया कि देशभर से श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं तथा हरियाणा से भी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8 जून को विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत को मिली नई वैश्विक पहचान। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई वैश्विक पहचान और सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भव्य निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सबसे बड़ा प्रतीक बनी। उन्होंने कहा कि उस समय कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरा देश राममय हो गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास ने भारत के प्राचीन तीर्थ स्थलों की गरिमा को पुनस्र्थापित किया है तथा आधुनिक भारत को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि चारधाम परियोजना, प्रसाद योजना और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण जैसे प्रयासों के माध्यम से भारत अपनी आध्यात्मिक जड़ों से पुन: जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह नए भारत का वह कालखंड है जहां विकास और विरासत साथ-साथ चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग, आयुर्वेद और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश देकर भारतीय संस्कृति की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने इस दौरान श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर, कुरुक्षेत्र के अनुभव केंद्र का जिक्र भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विलुप्त हो रही संस्कृति को पहचान दिलाने का काम किया है। सोमनाथ भारत की अटूट आस्था और सनातन शक्ति का प्रतीक। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सनातन परंपरा में सोमनाथ को बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग का गौरव प्राप्त है। पुराणों के अनुसार चंद्रदेव ने अपने कष्टों से मुक्ति पाने के लिए यहां भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में यहां प्रकट हुए और तभी से यह स्थान ‘सोमनाथ’ कहलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत की धैर्यगाथा और आध्यात्मिक शक्ति का इतिहास है। विदेशी आक्रांताओं ने इस मंदिर को अनेक बार तोड़ा और लूटा, लेकिन हर बार यह मंदिर और अधिक साहस एवं आस्था के साथ पुन: खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने केवल मंदिर को नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, आस्था और पहचान को मिटाने का प्रयास किया, लेकिन वे यह समझ नहीं सके कि सनातन केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि भारत के जन-जन के हृदय में बसता है। सोमनाथ का पुनर्निर्माण राष्ट्रीय स्वाभिमान की पुनर्स्थापना था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था और इसे राष्ट्रीय सम्मान की पुनस्र्थापना बताया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मई 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया था तथा आज उसके 75 वर्ष पूर्ण होना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सोमनाथ पर हुए पहले आक्रमण के भी 1000 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। वर्ष 1026 में हुए इस आक्रमण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ हजार वर्षों की धैर्यगाथा और अटूट आस्था का प्रतीक है। युवाओं को भारत की सभ्यतागत विरासत से जोडऩा समय की आवश्यकता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवाओं को भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत से जोडऩा समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, भारत केवल भौगोलिक सीमा नहीं है, भारत एक सभ्यता, एक संस्कृति और एक आध्यात्मिक चेतना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ केवल अतीत का स्मरण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण और सभ्यतागत चेतना का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने समाज और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराएं। हरियाणा सरकार सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। तीर्थ स्थलों के विकास, मंदिरों एवं सरोवरों के संरक्षण तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पावन सरस्वती एवं दृषद्वती नदियों के मध्य स्थित 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि में 367 तीर्थ स्थल हैं, जिनमें से अनेक समय के साथ लुप्तप्राय हो गए थे। राज्य सरकार इन तीर्थ स्थलों के पुनरुद्धार और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में सर्वेक्षण एवं दस्तावेजीकरण के बाद 18 नए तीर्थ स्थलों को सूची में जोड़ा गया, जिसके बाद अब तक कुल 182 तीर्थ स्थलों का दस्तावेजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत वर्ष 2015 में कुरुक्षेत्र को श्रीकृष्ण सर्किट में शामिल किया गया था तथा इसके अंतर्गत विभिन्न तीर्थ स्थलों का विकास किया जा रहा है। 48 कोस क्षेत्र के 134 स्थानों को पर्यटन एवं आध्यात्मिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित ज्योतिसर अनुभव केंद्र आधुनिक तकनीक के माध्यम से महाभारत के दर्शन, इतिहास और संदेश को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत-महात्माओं, धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और युवाओं से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को आधुनिकता, विज्ञान और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़े रहना होगा। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक : स्वामी ज्ञानानंद। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। सोमनाथ को तोडऩे वाले आज इतिहास में सिमट गए हैं, लेकिन सोमनाथ की ध्वजा आज भी भारत की शक्ति का संदेश दे रही है। सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक अस्मिता और आत्मसम्मान का प्रतीक है और इसे बार-बार तोडऩे के बावजूद श्रद्धा के साथ पुन: खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर 1029 वर्ष पहले मोहम्मद गजनवी के आक्रमण के बाद भी कई बार पुनर्निर्मित हुआ। सरदार पटेल के प्रयासों से इसका जीर्णोद्धार हुआ। अब इसके 75 वर्ष पूरे होने पर इसे स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। देशभर के संतों और श्रद्धालुओं ने ओंकार मंत्र का जाप किया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का इतिहास हमें संघर्ष ही नहीं सिखाता, बल्कि धैर्य भी सिखाता है। हजार वर्षों तक बार-बार टूटने के बाद भी पुन: उठ खड़े होना ही भारत की पहचान है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हमारी युवा पीढ़ी अपने इतिहास को जाने, अपनी संस्कृति को समझे और अपनी विरासत पर गर्व करे। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि प्राचीन संगमेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का कार्यक्रम आयोजित करना पिहोवा का सौभाग्य है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को देश की संस्कृति और संस्कारों से आत्मसात होने का अवसर मिलता है। इस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सदैव पिहोवा नगरवासी आभारी रहेंगे। इस अवसर पर महंत रविन्द्र पुरी महाराज, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज, भद्रकाली मंदिर पीठाधीश पंडित सतपाल महाराज, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेन्द्र गोल्डी, भाजपा वरिष्ठï नेता जयभगवान शर्मा डीडी, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक वर्षा खांगवाल, एडीपीआर मनीष लोहान, अंबाला शहीद स्मारक के निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी, संगमेश्वर महादेव मंदिर के संचालक गौतम भूषण, सीएम मीडिया कॉर्डिनेटर तुषार सैनी, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, चेयरमैन धर्मवीर डागर, उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच, केडीबी मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल, चेयरपर्सन कंवलजीत कौर, सैनी सभा प्रधान गुरनाम सैनी, सरपंच सुमन लत्ता, कृष्ण जडौला सहित विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, संत-महात्मा, गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।