Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़, 20 मई : विजिलेंस की आर्थिक अपराध शाखा, लुधियाना ने पी.एस.पी.सी.एल. के पूर्व चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर के.डी. चौधरी, पूर्व वरिष्ठ एक्सियन संजीव प्रभाकर और मैसर्स दामिनी रिजॉर्ट एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, लुधियाना के डायरेक्टर अमित गर्ग को गिरफ्तार किया है। उक्त व्यक्तियों के खिलाफ विजिलेंस जांच नंबर 05, दिनांक 10.05.2021 के निष्कर्षों के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा, लुधियाना में मामला दर्ज किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बसंत एवेन्यू में 66 केवी सबस्टेशन स्थापित करने के संबंध में, बसंत एवेन्यू के कॉलोनाइज़र ने पीएसपीसीएल के संबंधित फील्ड अधिकारियों की मिलीभगत से उक्त 66 केवी सबस्टेशन को अपनी कॉलोनी में 1015 वर्ग गज क्षेत्र में स्थापित करवा लिया। उन्होंने आगे बताया कि यदि तत्कालीन उच्च अधिकारियों द्वारा फील्ड अधिकारियों को कॉलोनाइज़र की सभी कॉलोनियों की एनओसी की जांच करने के निर्देश दिए गए होते, और क्योंकि कॉलोनियां आपस में जुड़ी हुई तथा साथ-साथ स्थित थीं, इसलिए बिजली के कुल लोड की गणना एक साथ की जाती, तो 66 केवी सबस्टेशन स्थापित करने का पूरा खर्च कॉलोनाइज़र द्वारा वहन किया जाता। उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान बिजली मंत्रालय द्वारा सबस्टेशन स्थापित करने संबंधी जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। उक्त 66 केवी बसंत एवेन्यू सबस्टेशन तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं थी और यह पाखोवाल लिंक रोड से लगभग 3 किलोमीटर दूर खेतों में स्थित था। इस तथ्य का उल्लेख बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों और चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर द्वारा प्रस्ताव में या बाद में किसी भी कार्यालय में नहीं किया गया। इसी कारण आज भी उक्त 66 केवी बसंत एवेन्यू सबस्टेशन अविकसित कॉलोनियों और खेतों में स्थित है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस सबस्टेशन तक पहुंचने के लिए आज भी कोई पक्की सड़क नहीं है। तत्कालीन एक्सियन संजीव प्रभाकर और फील्ड में तैनात अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 66 केवीएच सबस्टेशन बसंत एवेन्यू स्थापित करने संबंधी भेजे गए प्रस्ताव को तत्कालीन चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर के.डी. चौधरी ने मंजूरी दे दी थी, जिसमें सबस्टेशन की स्थापना संबंधी कमियों और टिप्पणियों को नजरअंदाज किया गया था। इससे बसंत एवेन्यू कॉलोनी को सीधा लाभ पहुंचा। आरोपी के.डी. चौधरी, संजीव प्रभाकर और अमित गर्ग को गिरफ्तार कर मामले की आगे जांच की जा रही है। ------------