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पलवल में बेटियों के जन्म दर में बढ़ोतरी
पलवल: जिले में लिंग अनुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव से जिले का लिंग अनुपात 889 से बढ़कर 923 तक पहुंच गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अवैध लिंग जांच पर सख्ती के चलते यह सुधार संभव हो पाया है। अधिकारियों ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, जागरूकता कार्यक्रम और ग्रामीण स्तर पर जनसहभागिता ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिविल सर्जन डा. सतिंदर वशिष्ठ ने गुरूवार को जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल-2025 में जिला पलवल का लिंग अनुपात 889 था, जो अब बढक़र 923 तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की सतत मेहनत, प्रशासनिक निगरानी तथा आमजन के सहयोग का सकारात्मक परिणाम है। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में भ्रूण हत्या एवं अवैध लिंग जांच जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। इसके तहत जिला पीसी-पीएनडीटी टीम द्वारा अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार छापेमारी भी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि बेटियों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति को भ्रूण हत्या या अवैध लिंग जांच से संबंधित किसी गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वह बिना किसी भय के स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर सकता है। प्रशासन ने इस उपलब्धि को समाज के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि बेटियों के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है। साथ ही, अधिकारियों ने लोगों से कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों के खिलाफ मिलकर काम करने की अपील की।