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डॉ. संजय सिंह ने निजीकरण नीति पर जताई चिंता
दिल्ली: बिजली फेडरेशन के राष्ट्रीय सेकेट्री जनरल,ज्ञआल इंडिया इंटक के राष्ट्रीय महासचिव डॉ संजय सिंह ने मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन, जबलपुर  के प्रतिनिधियों और मध्यप्रदेश के अन्य श्रम संगठनों के साथ हुई बैठक में प्रतिनिधि गणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन देश में बिजली कंपनियों के निजीकरण को बड़ी तीव्र गति से करने समुचित प्रयास कर रही है किन्तु इन कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों संविदा कर्मियों के ना तो वेतन की और ना ही सेवा शर्तों यथावत रहेगी का निर्धारण कर रही है। इसी तरह देश की बिजली कंपनियों से सेवा निवृत्त हुए लाखों पेंशनर्स की पेंशन की गारंटी राज्य सरकारें नहीं ले रही है। जिससे इन बिजली कंपनियों में कार्यरत सभी श्रेणियों के कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना बनी हुई है।डॉ संजय सिंह जी ने कहा कि श्रम संगठनों को श्रमिकों के हित को सर्वोपरि रखकर कार्य करना चाहिए। हर समस्या का समाधान चर्चा से बैठकर ही निकलता है। उन्होंने कहा कि निजीकरण से सबसे ज्यादा संविदा,आऊट सोर्स कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों का भविष्य असुरक्षित हो जाएंगा,अ‌र्थात‌ उनका शोषण होगा। बैठक में अनेक श्रम संगठनों का नेतृत्व करने वाले श्री रामराज्य तिवारी जी,खदान और अन्य श्रम संगठनों के नेता श्री नरेंद्र मिश्रा, मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन जबलपुर के महामंत्री राकेश डीपी पाठक, जोनल सचिव  एन के यादव, प्रांतीय उपाध्यक्ष उमाशंकर मेहता, अफसार अहमद, गोपाल चौहान, रामेश्वर गांगे सहित अन्य फेडरेशन के साथी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन, जबलपुर द्वारा श्रम संगठनों  के राष्ट्रीय नेता संजय सिंह का शाल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया गया । इस अवसर पर  मध्यप्रदेश इंटक के उपाध्यक्ष  रामराज तिवारी ने कहा कि नये श्रम संहिता लागू होने से अब श्रमिकों, कामगारों की समस्यायों, मांगों का समाधान होना बड़ी जटिल समस्या हो जाएंगा। उन्होंने मध्यप्रदेश की स्थिति पर विस्तृत प्रकाश डाला। इंटक सचिव नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि श्रमिकों, कामगारों की समस्यायों के समाधान हेतु वे निरंतर प्रयास रत रहते हैं,अनेक प्रकरणों में लेबर कमिश्नर के समक्ष स्वत. पैरवी कर न्याय दिला रहे हैं।    बैठक में फेडरेशन के महामंत्री राकेश डीपी पाठक ने कहा कि नयी श्रम संहिता लागू होने और बिजली कंपनियों के निजीकरण से बिजली कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों, पेंशनर्स पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने संविदा कर्मियों, आउट सोर्स कार्मिकों, कंपनी कैडर कार्मिकों, नियमित कर्मचारियों और पेंशनर्स की समस्यायों के विषय में  फेडरेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों, प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। राकेश डीपी पाठक ने कहा कि सरकार बिजली कंपनियों के निजीकरण के पूर्व कार्यरत सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन और पेंशनर्स की पेंशन की गारंटी ले साथ ही यह सुनिश्चित करें कि कर्मचारियों के लिए निर्धारित सेवा शर्तों में कोई परिवर्तन नहीं होगा वे यथावत रहेगी। राकेश डी पी पाठक ने कहा कि संविदा कर्मियों, आउट सोर्स कर्मचारियों को नियमित किया जायेगा। सभी आऊट सोर्स कर्मचारियों को सेवा से पृथक नहीं किया जाएगा।