Uturn Time
Breaking
Haridwar: हरिद्वार नगर निगम घोटाले में कार्रवाई तेज, आईएएस अधिकारियों का निलंबन छह महीने और बढ़ा Churu: मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की Fatehabad: फतेहाबाद में आरोपियों का मुंडन कर बाजार में घुमाने की घटना से मचा हड़कंप New Delhi: एनसीआर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा, ग्रीन एसएम की नई टैक्सी सेवा शुरू Yamunanagar: कांग्रेस विधायक के पति का भाजपा में प्रवेश, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किया स्वागत Hisar: रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से हिसार में यातायात व्यवस्था पर असर Kaithal: नंदू गैंग के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कैथल में छह बदमाश गिरफ्तार Hisar: हिसार पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर असली मालिकों को लौटाए Chandigarh: हरियाणा में क्लर्क भर्ती के लिए क्लेरिकल एक्ट लागू, उम्मीदवारों के लिए नई शर्तें Chandigarh: हरियाणा के किसानों को राहत, सूरजमुखी पंजीकरण के लिए 60 दिन का अतिरिक्त समय Ayodhya: नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री रबी लामिछाने ने रामलला के दर्शन कर लिया आशीर्वाद Faridkot: Punjab State Food Commission की अहम बैठक, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
Logo
Uturn Time
डेराबस्सी 14 Jan : लोंगोवाल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में 13 जनवरी 2026 को लोहड़ी और मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सुखमनी साहिब पाठ का विधिपूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शांत, भक्तिमय और अनुशासित वातावरण में हुई, जिसमें सभी की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना के साथ अरदास की गई। इस अवसर पर संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती कांता कात्याल और उपाध्यक्ष डॉ. कपिल कात्याल की गरिमामयी उपस्थिति रही। एलपीपीसी की प्रधानाचार्य डॉ. रोजी कात्याल, एलएसी के प्रवेश निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. विनोद कात्याल तथा मानव संसाधन प्रमुख सुश्री साक्षी कात्याल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुखमनी साहिब पाठ के उपरांत ‘गुरु का लंगर’ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने सेवा भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किया। शाम के समय पारंपरिक लोहड़ी की आहुति दी गई, जिससे पूरे परिसर में उत्सव, उल्लास और आपसी सौहार्द का माहौल बन गया। छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। सभा को संबोधित करते हुए गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों, सांस्कृतिक परंपराओं और नैतिक जीवन से ही जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को अपनाने और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की भावना को और सुदृढ़ किया।