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राखी गढ़ी में मिले चूल्हे-सिलबट्टे, पुरानी जीवनशैली के संकेत
हिसार: हिसार के नारनौंद क्षेत्र स्थित राखी गढ़ी में हड़प्पा कालीन सभ्यता की पांचवें चरण की खुदाई के दौरान महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं, जो उस दौर की जीवनशैली पर नई रोशनी डाल रहे हैं। खुदाई में कच्ची ईंटों से बनी रसोई, चूल्हा, मिट्टी के बर्तन और सिलबट्टा जैसे अवशेष सामने आए हैं। टीला नंबर-5 पर मिले इन अवशेषों से संकेत मिलता है कि यहां सबसे पहले मानव बसावट हुई होगी। इसके अलावा सोने के मनके और अन्य वस्तुएं भी मिली हैं, जो उस समय के सामाजिक और आर्थिक जीवन को दर्शाती हैं। पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार, खुदाई में हांडी, छिद्रयुक्त जार, टेराकोटा केक और अन्य रसोई से जुड़े बर्तन मिले हैं, जिनका उपयोग भोजन पकाने और सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था। यह भी सामने आया है कि उस समय लोग चूल्हे पर रोटी बनाते थे और सिलबट्टे पर चटनी तैयार करते थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने सभी अवशेषों को कार्बन डेटिंग के लिए भेज दिया है, जिससे उनकी वास्तविक आयु और उपयोग के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी। एक्सआरएफ तकनीक के जरिए भी बर्तनों और उनमें उपयोग किए गए खाद्य पदार्थों का विश्लेषण किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज से हड़प्पा सभ्यता के ग्रामीण जीवन, खान-पान और शहरीकरण की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी।