पंजाब/यूटर्न/13 जून। गोल्डन टेंपल के पूर्व हेड ग्रंथी और श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी एसआईटी कार्यालय में पेश नहीं हुए, बल्कि एसआईटी के सदस्य 2 दिसंबर 2024 को उनके घर आए थे। एसआईटी ने अकाल तख्त साहिब में हुई कार्रवाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की। ज्ञानी रघबीर सिंह ने बताया कि एसआईटी ने उनसे 328 पावन स्वरूपों या किसी अन्य मामले को लेकर कोई पूछताछ नहीं की। उनके अनुसार, केवल 2 दिसंबर 2024 को श्री अकाल तख्त साहिब में सुखबीर सिंह बादल और अन्य नेताओं से पूछे गए सवालों तथा उनके जवाबों पर चर्चा हुई।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह भी दर्ज करवा चुके बयान
उन्होंने यह भी कहा कि उस दिन की पूरी कार्रवाई टीवी चैनलों, प्रिंट मीडिया और अकाल तख्त साहिब के रिकॉर्ड में मौजूद है। इसे दुनिया भर की सिख संगत ने लाइव देखा और सुना था, इसलिए इसमें किसी प्रकार की कोई अस्पष्टता नहीं है।ज्ञानी रघबीर सिंह ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह स्वयं भी 328 पावन स्वरूपों के मामले में एसआईटी के समक्ष अपना बयान दर्ज करवा चुके हैं। ऐसे में उनकी ओर से की जा रही टिप्पणियां हैरान करने वाली हैं।
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