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स्पोर्ट्स डेस्क | चंडीगढ़: कहते हैं हुनर किसी एक सरहद का मोहताज नहीं होता। पंजाब से निराश होकर देश छोड़ने वाला एक युवा क्रिकेटर आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक रहा है। जिस दिलप्रीत सिंह बाजवा को पंजाब क्रिकेट ने नजरअंदाज कर दिया था, वही महज तीन साल में कनाडा की क्रिकेट टीम का कप्तान बन गया है। कनाडा क्रिकेट बोर्ड ने दिलप्रीत को आगामी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम की कमान सौंपी है। कभी पंजाब अंडर-19 टीम में जगह न मिलने का दर्द झेलने वाले दिलप्रीत आज कनाडा क्रिकेट का चेहरा बन चुके हैं। पटियाला के खिलाफ 130 रन की शानदार पारी खेलने के बावजूद भी चयनकर्ताओं ने उन्हें मौका नहीं दिया। इससे निराश होकर माता-पिता बेटे को लेकर वर्ष 2020 में कनाडा शिफ्ट हो गए। सरकारी कॉलेज के मैदान से कप्तानी तक का सफर गुरदासपुर जिले के बटाला निवासी दिलप्रीत को बचपन से क्रिकेट का शौक था। उन्होंने सरकारी कॉलेज गुरदासपुर के मैदान में कोच राकेश मार्शल से प्रशिक्षण लिया और जिले की टीम में जगह बनाई। कटोच शील्ड टूर्नामेंट सहित कई प्रतियोगिताओं में गुरदासपुर का प्रतिनिधित्व किया, जिसके आधार पर रणजी टीम का चयन होता है। दिलप्रीत ने वहां भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन चयन नहीं मिला। 130 रन के बाद भी नजरअंदाज 2020 तक दिलप्रीत पंजाब में संघर्ष करते रहे। पटियाला के खिलाफ खेली गई 130 रन की बेहतरीन पारी के बाद उनका पंजाब अंडर-19 टीम में चयन लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन अंतिम समय पर उन्हें बाहर कर दिया गया। इस फैसले ने दिलप्रीत को भीतर तक तोड़ दिया। कनाडा में क्लब क्रिकेट से नई पहचान कनाडा पहुंचने के बाद दिलप्रीत ने हार नहीं मानी। उन्होंने क्लब क्रिकेट से शुरुआत की और तीन साल तक घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाए। ग्लोबल टी-20 लीग में मॉन्ट्रियल टाइगर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं, जिससे चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर गया। क्रिस गेल जैसे दिग्गजों का मिला साथ ग्लोबल टी-20 टूर्नामेंट में दिलप्रीत को क्रिस गेल, टिम साउदी, कार्लोस ब्रैथवेट और जिमी नीशम जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला। क्रिस गेल दिलप्रीत के खेल से खासे प्रभावित हुए और उन्होंने उनका मार्गदर्शन भी किया। 2023 में टीम में एंट्री, अब कप्तानी शानदार प्रदर्शन के दम पर दिलप्रीत सिंह बाजवा को 2023 में कनाडा की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर खेल दिखाया और अब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए उन्हें कनाडा टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। दिलप्रीत की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जिन्हें कभी सिस्टम से निराशा मिलती है। मेहनत और हुनर अगर सच्चे हों तो पहचान किसी न किसी मंच पर जरूर मिलती है।