संगठन ने अवैध तोड़फोड़ पर रोक लगाने की केंद्र से अपील की
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने देश के विभिन्न हिस्सों में चल रही तोड़फोड़ और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने इन कार्रवाइयों को बिना पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया और पुनर्वास व्यवस्था के मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है।
दिल्ली में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जमाअत के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में दिल्ली, फरीदाबाद, वाराणसी, जयपुर, मुंबई और अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ अभियान चलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर धार्मिक संरचनाओं और आवासीय संपत्तियों को नोटिस के बिना हटाया गया है।
संगठन ने दावा किया कि प्रभावित परिवारों को अब तक उचित पुनर्वास नहीं मिला है और वे भीषण गर्मी में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। जमाअत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पुनर्वास के बिना बेदखली नहीं होनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में संगठन ने सभी संबंधित कार्रवाइयों को तत्काल रोकने और प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की।
इसी मौके पर जमाअत के प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।