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सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सकों के लिए सरकार की सौगात, अतिरिक्त भत्ते की घोषणा
शिमला (Narendra Singh Danu) : हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने घोषणा की है कि प्रदेश में सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को अब नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुधारों को लेकर गंभीर है और इस दिशा में डॉक्टरों के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में वह खुद विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं और पर्याप्त स्टाफ से लैस कर उन्हें All India Institute of Medical Sciences के स्तर तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये आधुनिक चिकित्सा मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां के क्षेत्रीय और जोनल अस्पतालों को भी अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधा शुरू की गई है, जिससे अब लोगों को महंगे इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का जनसंख्या के आधार पर वर्गीकरण किया जाए, ताकि जरूरत के हिसाब से स्टाफ और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को घर के पास ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।