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लुधियाना/यूटर्न/18 जून। एक व्यक्ति एक महीना पहले दिवालिया घोषित होता है। आईडीएफसी बैंक द्वारा उसकी कोठी और फैक्ट्री सीज कर दी जाती है। लेकिन वहीं व्यक्ति मात्र एक महीने बाद ही पॉश इलाके में करोड़ों रुपए की जमीन लेकर वहां आलीशान मार्केट बनाने लग जाए, तो यह किसी जादू से कम नहीं है। ऐसा ही एक जादू लुधियाना में देखने को मिला। जहां रॉयलिस्टा कंपनी के मालिक गुरदेव नगर के रविंदर कुमार सचदेवा एक महीना पहले चार मई को दिवालिया घोषित हो गए, लेकिन अगले महीने ही उन्होंने मल्हार रोड पर हीरो बेकरी के साथ द लग्जरियस सेंट्रम बाय रॉयलिस्टा नामक कमर्शियल प्रोजेक्ट का निर्माण शुरु कर डाला। अब यह चर्चाएं छिड़ गई है कि उक्त कारोबारी द्वारा बैंक को भी गच्चा दिया जा रहा है। यह भी चर्चाएं सामने आई हैं कि कारोबारी रविंदर सचदेवा ने दो अलग-अलग फर्मों खड़ी कर बड़ा हेरफेर किया है। जिसमें एक फर्म से लोन लेकर पैसा इकट्ठा किया और दूसरी फर्म से नए निर्माण शुरु कर दिए। फिर पहली फर्म दिवालिया घोषित कर दी। उसने डायवर्सिफिकेशन ऑफ फंड स्कीम इस्तेमाल की। चर्चा है कि आईडीएफसी बैंक को रविंदर सचदेवा की सभी फर्मों की जांच विजिलेंस या ईडी से करवानी चाहिए, जिससे बड़े खुलासे हो सकते हैं। इसी के साथ साथ बैंक की रिकवरी भी हो सकेगी। एक कंपनी पर लोन ले दूसरे में करता रहा इन्वेस्ट चर्चा है कि रविंदर सचदेवा द्वारा शातिर तरीके से कारोबार किया जा रहा था। उसकी और से पहले सिल्वर मोड नामक ब्रांड एस्टेब्लिश किया। वह पहले कैलीबर प्लाजा के पास गारमेंट फैक्ट्री चलाता था। वहीं पर सिल्वर मोड का शोरुम था। फिर फैक्ट्री को पंजाब माता नगर शिफ्ट कर दिया गया। वहीं इसकी कोठी सराभा नगर के ब्लॉक-ए में मौजूद थी। चर्चा है कि बैंक द्वारा पुरानी फर्मों पर ज्यादा लोन दिया जाता है, जिसके चलते रविंदर सचदेवा ने शातिर तरीके से बैंक से सिल्वर मोड फर्म पर लोन लिया। उसका सारा पैसा रॉयलिस्टा नामक नई फर्म एस्टेब्लिश कर उसमें इन्वेस्ट कर दिया। फिर मल्हार रोड पर शोरुम भी खोला। बैंक का कर्ज चुकाने की जगह खरीदी जमीन चर्चा है कि रविंदर सचदेवा की और से रॉयलिस्टा शोरुम बेचकर बैंक का कर्ज चुकाने की जगह हीरो बेकरी के साथ जमीन खरीद ली, जिसमें काफी हिस्सा सरकारी जमीन पर कब्जा है। जिसके बाद बैंक द्वारा अपना पैसा ज्यादा से ज्यादा वापिस लेने के मकसद से चार मई को रविंदर सचदेवा की सराभा नगर ब्लॉक-ए कोठी और पंजाब माता नगर स्थित फैक्ट्री को सीज कर दिया। हालांकि चर्चा है कि बैंक की रिकवरी बाकी है। बैंक की कार्रवाई के दौरान किया हाईवोल्टेज ड्रामा वहीं चर्चा है कि बैंक ने पहले ही रविंदर सचदेवा को कोठी व फैक्ट्री सीज करने का नोटिस जारी कर दिया था। जिसके बाद टीम सुरक्षा प्रबंधों समेत मौके पर पहुंची। लेकिन सचदेवा द्वारा शातिर तरीके से पहले ही घर पर धार्मिक समागम आयोजित कर पवित्र श्री ग्रंथ साहिब जी घर रख लिए। ताकि बैंक कर्मी एक्शन लें तो वे मामले को धार्मिक भावनाओं के साथ जोड़कर इस कार्रवाई को रोक सके। लेकिन बैंक कर्मियों ने भी आइडिया लगाया और धार्मिक स्थल के सेवादारों को मामले की जानकारी दी। जिसके बाद सेवादारों ने धार्मिक ग्रंथ साहिब जी को वहां से हटवाया और अपनी कार्रवाई पूरी की। ईडी ऐसे घोटालों को ही करती है उजागर चर्चा है कि रविंदर सचदेवा द्वारा पूरी फेमिली के साथ मिलकर यह नेक्सस चलाया जा रहा है। सचदेवा द्वारा जैसे एक फर्म पर बैंक से लोन लेकर सारा पैसा दूसरी फर्मों में लगाकर और पहली फर्म को दिवालिया घोषित कर दिया गया, यह मामला डायवर्सिफिकेशन ऑफ फंड का है। ऐसे ही घोटालों को ईडी उजागर करने में माहिर है। चर्चा है कि ईडी और विजिलेंस को इस मामले की भी जांच करनी चाहिए। जिसमें करोड़ों रुपए का लेनदेन सामने आने की उम्मीद है। आखिर कहा से आया जमीन खरीदने का पैसा बता दें कि रॉयलिस्टा द्वारा बनाए जा रहे कमर्शियल प्रोजेक्ट की जो जमीन है, उसकी कीमत करोड़ों रुपए है। हालांकि उसमें काफी मात्रा में सरकारी जमीन पर कब्जा है। हीरो बेकरी से लेकर सिटी मॉल तक सभी बिल्डिंग मालिकों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। लेकिन चर्चा छिड़ गई है कि अगर रविंदर सचदेवा डिफाल्टर हो गया था, तो उसने करोड़ों की जमीन कैसे खरीद ली। रविंदर सचदेवा खुद यह क्लियर कर चुके हैं कि वे कमर्शियल प्रोजेक्ट उनका है। अगर पैसा था तो दिवालिया घोषित क्यों हुए, अगर दिवालिया हुए तो एक महीने बाद ही पैसा कहा से आ गया, यह जांच का विषय है। ----