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बाल संरक्षण माह के तहत सभी विभागों को समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : दिल्ली के उपराज्यपाल ने सोमवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज सभी मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी उपाय केवल ‘बाल संरक्षण माह’ तक सीमित न रहकर स्थायी और नियमित व्यवस्था का हिस्सा होने चाहिए। यह निर्देश उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में लोक निवास में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में जुलाई माह में चल रहे ‘बाल संरक्षण माह’ के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों, अभियानों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई। बैठक में शिक्षा विभाग, दिल्ली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का विस्तृत आकलन किया गया। सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि दिल्ली सरकार के सभी विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम के अनुरूप बाल संरक्षण समितियों का गठन किया जा चुका है, जबकि जुलाई के अंत तक सभी 5,633 विद्यालयों में इनका गठन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि लगभग एक हजार शिक्षा एवं व्यावसायिक परामर्शदाता स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, लैंगिक संवेदनशीलता तथा व्यक्तिगत सीमाओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस व्यवस्था को सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। उपराज्यपाल ने सभी स्कूलों में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण, SOP लागू करने, संयुक्त निरीक्षण दल के गठन और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पीटीएम, ऑडियो-विजुअल माध्यम और अन्य जागरूकता अभियानों के जरिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास केवल एक माह तक सीमित न रहकर स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनने चाहिए, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण मिल सके।