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नागपुर में ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक, भारत ने सड़क, रेल, समुद्री और डिजिटल परिवहन मॉडल साझा किया
नागपुर (Naren Danu) : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ब्रिक्स देशों से सतत, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की सामूहिक क्षमता नवाचार, साझेदारी और साझा जिम्मेदारी के जरिए वैश्विक परिवहन व्यवस्था के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत नागपुर में आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, रोजगार और सामाजिक प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने बैठक को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। गडकरी ने कहा कि भारत सड़क, रेल, समुद्री और विमानन क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क तैयार किया है और एक्सप्रेस-वे, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तथा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा, सोनमर्ग सुरंग और 10 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत बुनियादी ढांचे के विकास को पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार के साथ आगे बढ़ा रहा है। रेल और समुद्री क्षेत्र में आधुनिक बदलाव केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क का लगभग पूर्ण विद्युतीकरण हो चुका है। वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और नए पंबन ब्रिज जैसी परियोजनाएं रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में मैरीटाइम अमृत काल विजन-2047, ई-नाविक, ई-समुद्र और ग्रीन शिपिंग जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे भारत की समुद्री क्षमता और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होगी। ग्रीन मोबिलिटी और सड़क सुरक्षा पर जोर गडकरी ने इलेक्ट्रिक बसों, ग्रीन अर्बन मोबिलिटी और क्षेत्रीय हवाई संपर्क के लिए उड़ान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान ने देश में मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण भारत की परिवहन नीति के प्रमुख स्तंभ हैं। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस इलाज, सड़क निर्माण में पुनर्चक्रित प्लास्टिक, फ्लाई ऐश, स्टील स्लैग, बांस क्रैश बैरियर और पुराने टायरों के उपयोग जैसी पहलों से टिकाऊ विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। हरित तकनीक में सहयोग बढ़ाने की अपील केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देशों को यातायात जाम, उत्सर्जन नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और अंतिम छोर तक संपर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक परिवहन, वैकल्पिक ईंधन, डिजिटल परिवहन प्रणाली और सतत मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, ज्ञान साझा करने और संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि ब्रिक्स परिवहन सहयोग आने वाले समय में जन-केंद्रित और व्यावहारिक समाधान विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा।