एमएसएमई और उद्योग विभाग की संयुक्त पहल से पारंपरिक शिल्पकारों को मिला स्थायी विपणन मंच; देश-विदेश के यात्रियों तक पहुंचेगा स्थानीय हस्तशिल्प, बढ़ेगी कारीगरों की आय और रोजगार के अवसर।
स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को मिलेगा बाजार, यात्रियों के लिए खरीदारी की सुविधा
स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को मिलेगा बाजार, यात्रियों के लिए खरीदारी की सुविधा
चंडीगढ़: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को अपने उत्पादों की बिक्री और प्रचार के लिए अब नया मंच मिल गया है। शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चंडीगढ़ पर बुधवार को वन एयरपोर्ट वन प्रोडक्ट (OAOP)/AVSAR योजना के तहत एक विशेष स्टॉल का शुभारंभ किया गया।
इस स्टॉल का उद्घाटन एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (MSME-DFO), लुधियाना के संयुक्त निदेशक पंकज कुमार झा और उद्योग विभाग, यूटी चंडीगढ़ के कार्यालय अधीक्षक विशाल सभरवाल ने किया। इस दौरान उद्योग विभाग और MSME-DFO के अधिकारी भी मौजूद रहे। यह स्टॉल NABARD समर्थित स्वयं सहायता समूह (SHG) के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों, विशेषकर पारंपरिक कारीगरों, को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराना है। इससे उन्हें व्यापक बाजार तक पहुंच मिलेगी और स्थानीय हस्तशिल्प को नई पहचान मिलेगी।
हवाई अड्डे पर स्थापित इस स्टॉल के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले यात्री स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को देख और खरीद सकेंगे। इससे कारीगरों की आय बढ़ाने, सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहन देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती मिलने की उम्मीद है।