जयराम रमेश ने कहा कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुनने के बजाय सरकार शिक्षा व्यवस्था की खामियों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए जवाबदेही तय करना, पारदर्शिता बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना आवश्यक है।
नई दिल्ली (Naren Danu) :देश में परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है और करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी बयान में जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और बढ़ती अनियमितताओं के बावजूद सरकार प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई और सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही।
जयराम रमेश ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है जब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठा रहे हैं।