प्रदर्शन के बाद सफाई कर्मचारी यूनियन ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपकर बरनाला लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच, दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और घायलों को मुआवजा देने की मांग की। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में विभिन्न किसान, मजदूर और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब सफाई सेवक यूनियन के आह्वान पर बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में जागरांव में भारी रोष प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष अरुण गिल की अगुवाई में सैकड़ों सफाई कर्मचारियों और विभिन्न जन संगठनों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और बरनाला के डीएसपी सतवीर सिंह बैंस का पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बरनाला में शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे सफाई सेवकों पर पुलिस ने अमानवीय बर्बरता दिखाई, जिसमें 18 से अधिक महिला व पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए और कई नेताओं को अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। इसे लोकतंत्र का घोर अपमान बताते हुए वक्ताओं ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी।
प्रदर्शन के उपरांत: प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं।
न्यायिक जांच: बरनाला लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
रिहाई और मुआवजा: गिरफ्तार नेताओं को तुरंत बिना शर्त रिहा किया जाए और घायलों को मुआवजा दिया जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में इंकलाबी केंद्र पंजाब के सचिव कंवलजीत खन्ना, बीकेयू डकौंदा के जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहड़का, ग्रामीण मजदूर यूनियन के सुखदेव सिंह मानूंके, और सेंट्रल वाल्मीकि सभा के कुलवंत सिंह सहोता सहित कई प्रमुख नेता व नगर पालिका कर्मचारी भारी संख्या में मौजूद रहे।