अजीत झा.
चंडीगढ़ 31 Jan : शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और वाहन चालकों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम चंडीगढ़ के कमिश्नर अमित कुमार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी कार्यकारी अभियंताओं (बीएंडआर), सब-डिविजनल इंजीनियरों (एसडीई) और जूनियर इंजीनियरों (जेई) को अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाले पेड पार्किंग स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
कमिश्नर ने कहा कि इन निरीक्षणों का उद्देश्य पार्किंग अटेंडेंट्स की निगरानी, कार्यप्रणाली और आचरण पर कड़ी नजर रखना है, ताकि आम लोगों को नियमों के अनुरूप, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त पार्किंग सुविधा मिल सके।
एमसी वन पास की समीक्षा
शहर भर की पेड पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने हाल ही में शुरू किए गए “एमसी वन पास” (एमसी वन पास ) पार्किंग सिस्टम के ग्राउंड लेवल क्रियान्वयन का भी आकलन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल डिजिटल अपनाने, पार्किंग प्रक्रिया को आसान बनाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
कमिश्नर अमित कुमार ने दो टूक कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल व कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग संचालन से जुड़ी शिकायतों या विसंगतियों पर तुरंत संज्ञान लें और समाधान सुनिश्चित करें।
खुद करेंगे औचक निरीक्षण
नगर निगम कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्वयं समय-समय पर पेड पार्किंग स्थलों का औचक निरीक्षण करेंगे। ऐसे निरीक्षणों में किसी भी तरह की चूक या गड़बड़ी सामने आने पर नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एमसी वन पास के लिए जागरूकता कैंप
कमिश्नर ने बताया कि यदि कोई मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन या अन्य संस्थान एमसी वन पास बनवाने के लिए सामूहिक कैंप आयोजित करना चाहता है, तो नगर निगम की टीम इसमें पूरा सहयोग करेगी और आम जनता को जागरूक करने में मदद करेगी।
नगर निगम चंडीगढ़ ने दोहराया कि वह पारदर्शी शासन, यात्री सुविधा में सुधार और एमसी वन पास जैसे नागरिक-केंद्रित प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।