तत्कालीन पुलिस अधिकारियों पर कथित अत्याचार के आरोपों को लेकर पीड़ित परिवारों और किसान-मजदूर संगठनों का संघर्ष तेज हो गया है। थाने के बाहर आयोजित विशाल रोष प्रदर्शन में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों को लागू करने की मांग उठाई गई। संगठनों ने न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : तत्कालीन थाना प्रमुख गुरिंदर सिंह बल्ल और एएसआई राजवीर सिंह तथा अन्य अधिकारियों द्वारा गरीब महिलाओं और पुरुषों पर किए गए कथित अत्याचारों के खिलाफ मामला गरमाता जा रहा है। पीड़ित परिवार और उनका समर्थन कर रही विभिन्न किसान-मजदूर जथबंदियां पिछले चार साल से थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं। इसी कड़ी में आज दसमेश किसान मजदूर यूनियन ने थाने के बाहर एक विशाल रोष प्रदर्शन किया और स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ितों को पूरी तरह न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष पूरी ताकत से जारी रहेगा।
संघर्ष का आधार:
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई: यूनियन के नेताओं-प्रधान गुरदयाल सिंह तलवंडी, सचिव जसदेव सिंह ललतों, दलित समाज कल्याण संगठन के प्रधान नछ्छर सिंह धालीवाल, और मजदूर संघर्ष समिति के प्रधान भरपूर सिंह च्छाजावाल-ने मांग की है कि पीड़िता मनप्रीत कौर और उसके परिवार पर हुए अत्याचारों के संबंध में तुरंत सख्त एफआईआर दर्ज की जाए।
मुआवजा और सर्वे: दिवंगत पीड़िता कुलवंत कौर, उनकी माता सुरेंदर सिंह और मुकदमे के वादी इकबाल सिंह रसूलपुर के साथ हुई नाइंसाफी के मामले में राष्ट्रीय आयोग के आदेशों के तहत त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, दोनों परिवारों के आर्थिक नुकसान का जो सर्वे किया गया है, उसके आधार पर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
जांच और पुराना इतिहास:
नेताओं ने हाल ही में नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (दिल्ली) द्वारा की गई "स्पॉट इंस्पेक्शन" पर न्याय मिलने की गहरी उम्मीद जताई है। खास बात यह है कि प्रदर्शनकारियों ने पीड़ितों को साथ लेकर उस कथित "तसीहा घर" (यातना गृह) और पुराने सिटी थाने के उन जर्जर कमरों का भी निरीक्षण किया, जहां दो दशक पहले मनप्रीत कौर और कुलवंत कौर को बेरहमी से यातनाएं दी गई थीं।
इस विरोध प्रदर्शन में कीर्ति किसान यूनियन के जिला प्रधान साधू सिंह अच्चरवाल, सचिव बलविंदर सिंह कोठे पोना, ग्रामीण मजदूर सभा के निर्मल सिंह धालीवाल, गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के जसप्रीत सिंह ढोलण, यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजिंग के सतनाम सिंह लुधियाना और बलदेव सिंह रूमी सहित कई प्रमुख नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यूनियन ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि तत्कालीन थाना प्रमुख और अन्य पुलिसकर्मियों ने दो परिवारों को जातिगत दुर्भावना के चलते अवैध हिरासत में रखकर भयंकर प्रताड़ना दी थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।