वार्ड नंबर-30 के जर्नैल एन्क्लेव फेज-2 में रास्ते पर लगाए गए लोहे के बैरिकेड को लेकर विवाद सामने आया है। कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि बैरिकेड को स्थायी रूप से फिक्स किए जाने से एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, सीवरेज वाहनों और स्कूल बसों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। पूर्व पार्षद नवतेज नवी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त ओवरहेड को लोगों की मांग पर दोबारा लगाया गया है।
जीरकपुर : वार्ड नंबर-30 के अंतर्गत जर्नैल एन्क्लेव फेज-2 में रास्ते पर लगाए गए लोहे के बैरिकेड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉलोनी के कुछ निवासियों ने पूर्व पार्षद नवतेज नवी पर बिना उनकी और प्रशासन की सहमति के बैरिकेड को स्थायी रूप से फिक्स करवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से आपातकालीन वाहनों और अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
निवासियों के अनुसार कॉलोनी में भारी ट्रकों की आवाजाही रोकने के लिए पहले बैरिकेड लगाया गया था, लेकिन आपात स्थिति को देखते हुए उसे हटाने योग्य रखा गया था। उनका आरोप है कि अब निजी मशीनरी की मदद से इसे स्थायी रूप से पक्का कर दिया गया है। इससे फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, सीवरेज सफाई वाले वाहन, घर शिफ्ट करने वाले ट्रक और कुछ स्कूल वाहनों के आवागमन में परेशानी हो सकती है।
कॉलोनीवासियों ने कहा कि स्कूल वाहन आगे नहीं जा पाने के कारण छोटे बच्चों को भी कुछ दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी आगजनी या मेडिकल इमरजेंसी के दौरान यदि बड़ा वाहन अंदर नहीं पहुंच पाया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
युवराज, अजब, सुनील कुमार, कमल, विजय शर्मा, नरेंद्र, रोहित, संदीप कुमार, नरेश और दानिश सहित अन्य निवासियों ने नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि बैरिकेड की ऐसी व्यवस्था की जाए, जिसे आपात स्थिति में तुरंत खोला जा सके। साथ ही बिना अनुमति काम करवाने के आरोपों की जांच की मांग भी की गई।
लोगों की मांग पर दोबारा लगाया ओवरहेड : नवी
पूर्व पार्षद नवतेज नवी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जर्नैल एन्क्लेव फेज-2 में लगाया गया ओवरहेड नया नहीं है। यह वर्ष 2023 से पहले से ही वहां मौजूद था, लेकिन एक वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया था। उनके अनुसार गोदाम क्षेत्र के साथ लगते निवासियों की मांग पर करीब 10 दिन पहले इसकी वेल्डिंग करवाकर उसी स्थान पर दोबारा लगाया गया।
नवी ने कहा, “हम लोगों का काम लोगों को सुविधा पहुंचाना है, न कि दुविधा पैदा करना।” उन्होंने कहा कि ओवरहेड लगाने का उद्देश्य क्षेत्रवासियों को परेशानी देना नहीं, बल्कि उनकी मांग के अनुरूप व्यवस्था करना है।