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चंडीगढ़ 01 Feb : सांसद मनीष तिवारी ने बजट में कटौती को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में कमी का मुख्य कारण प्रशासन द्वारा आवंटित धनराशि का पूरा उपयोग न कर पाना है। सांसद के अनुसार, यह केवल वित्तीय आंकड़ों का मामला नहीं, बल्कि कमजोर प्रशासनिक कार्यप्रणाली का परिणाम है। मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए करीब 6,187 करोड़ रुपये का बजट तय किया था, लेकिन संशोधित अनुमानों के अनुसार प्रशासन वर्ष के अंत तक केवल 5,556 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका। यानी लगभग 630 करोड़ रुपये बिना खर्च हुए रह गए। उनका कहना है कि बजट का यह अप्रयुक्त हिस्सा उन विकास कार्यों और जनहित योजनाओं का प्रतीक है, जो या तो समय पर पूरी नहीं हो सकीं या शुरू ही नहीं हो पाईं। इसी कमजोर वित्तीय निष्पादन का असर अब 2026-27 के बजट में देखने को मिला है।