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आखिर क्यों कार्यवाही में गिराई गई तीन में से एक भी कलोनी का नाम नहीं किया सार्वजनिक ?
लुधियाना, 4 फरवरी : बुधवार को ग्लाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार के निर्देशों पर ग्लाडा के रेगुलेटरी विंग ने बुधवार को गांव माणकवाल और महिमूदपुरा क्षेत्र में बनी तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। लेकिन हैरानी जनक बात यह रही की इनमें से एक भी कलोनी एवं डिवैल्पर का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। जिससे बाजार में चर्चाएं गर्म रही। जानकारी के अनुसार संबंधित डेवलपर्स को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे, इसके बावजूद उन्होंने गैर-कानूनी निर्माण कार्य बंद नहीं किया। इसके बाद ग्लाडा की विशेष टीम ने सीलिंग व तोड़फोड़ अभियान चलाया, जो बिना किसी विरोध के सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ग्लाडा ने इन डेवलपर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश भी की है। ग्लाडा के प्रवक्ता ने बताया कि अवैध और बिना योजना वाले विकास के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है, जो सस्ते प्लॉट देने के नाम पर मासूम लोगों को ठग रहे हैं, जबकि उनके पास कोई कानूनी मंजूरी या सरकारी नियमों का पालन नहीं है। मुख्य प्रशासक संदीप कुमार ने आम जनता से अपील की कि वे अनधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट, संपत्ति या इमारतें न खरीदें, क्योंकि वहां पानी, सीवरेज और बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत और नियमित कॉलोनियों की सूची उनके नक्शों सहित ग्लाडा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे खरीद से पहले जरूर जांचें। चर्चा जम कर हो रही धांधलियां : चर्चाएं है की ग्लाडा की कार्यवाही हांथी के दांत खाने को और दिखने को और जैसी प्रतीत हो रही है। चचाओं अनुसार ग्लाडा में भ्र्ष्टाचार का बोल बाला है बुधवार को जिन कलोनियों को अवैध बता कार्यवाही की गई है उन कलोनियों और उनके डिवैल्पररों के नाम तक सार्वजनिक नहीं किए गए जिससे शंका होती है ही यह सब आँखों में धूल झोंकी जा रही है। जबकि अगर ग्लाडा कलोनियों एवं डिवैल्परों के नाम सार्वजनिक करती तो अवैध निर्माण करने वालों की बदनामी होती इससे भविष्य में गलत काम करने की सोच रखने वालों के दिलों में डर का माहौल कायम होता। चर्चाओं की माने तो नाम छिपाने के पीछे अधिकारीयों द्वारा निजी स्वार्थों को अंजाम देने की मंशा है इस तरह की कार्यवाही के बाद व्यापारी विचौलियों के जरिए सैटिंग कर फिर से काम पर लग जाते है।